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बजट में किए जा सकते हैं नोटबंदी के बाद राहत के उपाय

Tue, 31 Jan 2017 02:26 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Tue, 31 Jan 2017 02:26 AM IST
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can be made in the budget after notebandi relief measures
फाइल फोटो - फोटो : PTI
वित्त मंत्री अरुण जेटली बुधवार को अपना चौथा तथा संभवत: सबसे चुनौतीपूर्ण बजट पेश करेंगे। माना जा रहा है कि नोटबंदी से हुई परेशानी को दूर करने के लिए जेटली 2017-18 के बजट में कुछ कर राहत तथा अन्य प्रोत्साहन दे सकते हैं जिससे अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल सके। 
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जेटली ऐसे समय बजट पेश करने जा रहे हैं जबकि सरकार के 86 प्रतिशत मुद्रा को चलन से बाहर करने की वजह से देश में लोगों को परेशानी उठानी पड़ी है और वहीं अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप संरक्षणवादी कदम उठा रहे हैं। सबसे पहली उम्मीद यह है कि जेटली इस बार आयकर छूट की सीमा को 2.5 लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपये करेंगे। वह फील गुड का वातावरण पैदा करने के लिए लोगों के हाथ में अधिक पैसा देना चाहेंगे। 
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इससे मांग और आपूर्ति श्रृंखला तथा ऋण वृद्धि पर पड़े प्रतिकूल असर को कम किया जा सकेगा। साथ ही वह आवास ऋण पर दिए गए ब्याज पर कटौती की सीमा को दो लाख रुपये से बढ़ाकर ढाई लाख रुपये कर सकते हैं। साथ ही चिकित्सा के लिए भी अधिक छूट दी जा सकती है। 
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बजट में सार्वभौमिक मूल आमदनी की घोषणा हो सकती है

can be made in the budget after notebandi relief measures

उद्योग विशेषज्ञों और कर अधिकारियों का कहना है कि कर छूट के अलावा बजट में सार्वभौमिक मूल आमदनी की घोषणा हो सकती है। हालांकि, कॉरपोरेट कर की दर को 30 प्रतिशत से नीचे लाना आसान नहीं होगा, क्योंकि सरकार के चालू वित्त वर्ष के सकल घरेलू उत्पाद की 7.1 प्रतिशत की वृद्धि दर के अनुमान में नोटबंदी से पैदा हुए दिक्कतों को शामिल नहीं किया गया है। 

चालू वित्त वर्ष के लिए राजस्व संग्रहण लक्ष्य के पार जा सकता है, लेकिन इसमें संदेह है कि जेटली 2017-18 में कर प्राप्तियों में कोई उल्लेखनीय वृद्धि का अनुमान लगाएंगे। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी उनको चिंतित कर रही हैं। ऐसे में उनके पास सामाजिक और बुनियादी ढांचा योजनाओं में कुछ बड़ा करने की गुंजाइश काफी कम है।

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