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Congress: 'चीन के सामने झुकी सरकार', एफडीआई नियमों में ढील को लेकर कांग्रेस ने साधा निशाना

Tue, 10 Mar 2026 10:14 PM IST
Nirmal Kant न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Tue, 10 Mar 2026 10:14 PM IST
सार

Congress: कांग्रेस ने एफडीआई नियमों में ढील देने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और उस पर पड़ोसी देश के सामने झुकने का आरोप लगाया। एफडीआई नियमों ढील की वजह से अब भारत के साथ सीमा साझा करने वाले देशों की कंपनियां बिना अनिवार्य सरकारी मंजूरी निवेश कर सकेंगी। पढ़ें रिपोर्ट-

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'Calibrated capitulation': Congress slams Centre for easing FDI norms for China
जयराम रमेश, महासचिव, कांग्रेस - फोटो : ANI

विस्तार

कांग्रेस ने मंगलवार को चीन के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में ढील देने के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार की चीन के सामने आत्मसमर्पण की नीति का ही एक हिस्सा है। 
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बिना अनिवार्य सरकारी मंजूरी के निवेश कर सकेंगी विदेशी कंपनियां
सरकार ने आज भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के लिए एफडीआई नियमों में ढील दी, जिनमें चीन भी शामिल है। अब इन देशों के निवेशकों की दस फीसदी की हिस्सेदारी वाली कंपनियां भारत में बिना अनिवार्य सरकारी मंजूरी के निवेश कर सकेंगी। पहले नियम यह था कि अगर किसी विदेशी कंपनी में चीन या भारत से लगी सीमा वाले देश का एक भी निवेशक (एक शेयर वाला भी) शामिल है, तो उस कंपनी को भारत में निवेश करने से पहले सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी।
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कांग्रेस ने इस फैसले पर क्या कहा?
हालांकि, एफडीआई से जुड़े बाकी नियम (जैसे किसी क्षेत्र में निवेश की सीमा और निवेश करने का तरीका) इन निवेशों पर पहले की तरह लागू रहेंगे। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने कहा कि एफडीआई नियमों में चीन के लिए ढील देने का मोदी सरकार का फैसला हैरान करने वाला नहीं है। यह मोदी सरकार की ओर से उस देश के सामने सुनियोजित तरीके से आत्मसमर्पण का ही एक हिस्सा है, जिसे खुद मोदी ने 19 जून 2020 को पूर्वी लद्दा में 20 जवानों के शहीद होने के बाद क्लीन चिट दे दी थी। 
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व्यापार घाटा को लेकर विपक्षी पार्टी ने साधा निशाना
रमेश ने कहा कि भारत-चीन संबंध बीजिंग की शर्तों पर सामान्य हो रहे हैं, जबकि 2025 में भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर 115 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने लद्दाख के डेपसांग, देमचोक और चुमार में गश्त  करने के अधिकार को भी खो दिया है। एफडीआई नियमों में ढील देने का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

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