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पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी को जान से मारने की धमकी देने वाले कलकत्ता विवि के प्रोफेसर पर मामला दर्ज
Sat, 28 Aug 2021 06:13 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 28 Aug 2021 06:13 PM IST
सार
प्रोफेसर का कहना है कि मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। शिकायतकर्ता तृणमूल कांग्रेस का समर्थक है। मैं पुलिस के कदम उठाने का इंतजार कर रहा हूं और उसके बाद ही मैं इस पर कानूनी सलाह लूंगा।
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ममता बनर्जी
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
कलकत्ता विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के खिलाफ सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीएचडी के छात्र तमाल दत्ता की शिकायत के आधार पर हारे स्ट्रीट पुलिस थाने ने जीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अरिंदम भट्टाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
भट्टाचार्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 505-1बी (जनता को डराने या डराने की मंशा से), 506 (मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी) और 120-बी (आपराधिक साजिश की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने यह जानकारी दी। हालांकि, पुलिस ने प्रोफेसर को अभी हिरासत में नहीं लिया है।
प्रोफेसर ने आरोपों से किया इनकार
संपर्क करने पर भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। शिकायतकर्ता तृणमूल कांग्रेस का समर्थक है। मैं पुलिस के कदम उठाने का इंतजार कर रहा हूं और उसके बाद ही मैं इस पर कानूनी सलाह लूंगा। फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत के दौरान एक दोस्त ने प्रोफेसर से कहा था कि चुनाव से पहले आपने एक व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा था कि आप मुख्यमंत्री को मारना चाहते हैं। उस समय आप खुद को बचाने के लिए टीएमसी नेता के घर गए थे।
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जवाब में उन्होंने बंगाली में लिखा कि मैं अभी भी मारना चाहता हूं। मैं एक पैर चाटने वाला कुत्ता नहीं हूं। मैं उन लोगों के खिलाफ हूं जो अनपढ़ हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि यह उनके और एक दोस्त के बीच की निजी बातचीत थी, जिसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया गया।
यह बातचीत कुछ समय पहले हुई थी। मैंने मुख्यमंत्री या किसी को भी धमकी नहीं दी है और संदेश में यह स्पष्ट है।
खुद के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया
17 साल से जीव विज्ञान के प्रोफेसर भट्टाचार्य ने कहा कि उनके खिलाफ एक साजिश के तहत पुलिस शिकायत दर्ज की गई थी, ताकि उनकी नौकरी चली जाए। उन्होंने कहा कि मैं डरा हुआ और तड़प रहा हूं। मैं खुद को असहाय और अपमानित महसूस कर रहा हूं। मैंने कभी अपने जीवन में इस तरह के अपमान का सामना करने का सपना नहीं देखा था। मैं समझ सकता हूं कि यह मेरे खिलाफ एक साजिश है, ताकि मैं अंततः अपनी नौकरी खो दूं। इससे पहले अप्रैल 2012 में जादवपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को मुख्यमंत्री पर बनाए गए एक कार्टून को कथित रूप से फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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भट्टाचार्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 505-1बी (जनता को डराने या डराने की मंशा से), 506 (मृत्यु या गंभीर चोट पहुंचाने की धमकी) और 120-बी (आपराधिक साजिश की सजा) के तहत मामला दर्ज किया गया। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने यह जानकारी दी। हालांकि, पुलिस ने प्रोफेसर को अभी हिरासत में नहीं लिया है।
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प्रोफेसर ने आरोपों से किया इनकार
संपर्क करने पर भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की। शिकायतकर्ता तृणमूल कांग्रेस का समर्थक है। मैं पुलिस के कदम उठाने का इंतजार कर रहा हूं और उसके बाद ही मैं इस पर कानूनी सलाह लूंगा। फेसबुक मैसेंजर पर बातचीत के दौरान एक दोस्त ने प्रोफेसर से कहा था कि चुनाव से पहले आपने एक व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा था कि आप मुख्यमंत्री को मारना चाहते हैं। उस समय आप खुद को बचाने के लिए टीएमसी नेता के घर गए थे।
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जवाब में उन्होंने बंगाली में लिखा कि मैं अभी भी मारना चाहता हूं। मैं एक पैर चाटने वाला कुत्ता नहीं हूं। मैं उन लोगों के खिलाफ हूं जो अनपढ़ हैं। भट्टाचार्य ने कहा कि यह उनके और एक दोस्त के बीच की निजी बातचीत थी, जिसे सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया गया।
यह बातचीत कुछ समय पहले हुई थी। मैंने मुख्यमंत्री या किसी को भी धमकी नहीं दी है और संदेश में यह स्पष्ट है।
खुद के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया
17 साल से जीव विज्ञान के प्रोफेसर भट्टाचार्य ने कहा कि उनके खिलाफ एक साजिश के तहत पुलिस शिकायत दर्ज की गई थी, ताकि उनकी नौकरी चली जाए। उन्होंने कहा कि मैं डरा हुआ और तड़प रहा हूं। मैं खुद को असहाय और अपमानित महसूस कर रहा हूं। मैंने कभी अपने जीवन में इस तरह के अपमान का सामना करने का सपना नहीं देखा था। मैं समझ सकता हूं कि यह मेरे खिलाफ एक साजिश है, ताकि मैं अंततः अपनी नौकरी खो दूं। इससे पहले अप्रैल 2012 में जादवपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान के प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को मुख्यमंत्री पर बनाए गए एक कार्टून को कथित रूप से फॉरवर्ड करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।