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Sandeshkhali Case: 'संदेशखाली की पीड़िताओं को सुरक्षा देने की मांग', हाईकोर्ट का PIL पर तत्काल सुनवाई से इनकार

Mon, 19 Feb 2024 04:11 PM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: गुलाम अहमद Updated Mon, 19 Feb 2024 04:11 PM IST
सार

कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि याचिका के साथ सबूत के तौर पर सिर्फ समाचार पत्रों की रिपोर्ट की प्रतियां संलग्न करना ही पर्याप्त नहीं है। साथ ही सवाल किया कि क्या याचिकाकर्ता निर्वाचित प्रतिनिधि है या संदेशखाली का निवासी है।

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Calcutta HC refuses urgent hearing of PIL seeking protection to women of Sandeshkhali Case Bengal News updates
संदेशखाली हिंसा - फोटो : ANI

विस्तार

पश्चिम बंगाल के संदेशखाली गांव में महिलाओं के कथित उत्पीड़न को लेकर विवाद जारी है। इस घटना को लेकर भाजपा समेत राज्य के अन्य विक्षपी दल ममता सरकार पर हमलावर हैं। इस बीच, संदेशखाली की पीड़ित महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग करते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने सोमवार को याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। 

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कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस शिवगणम की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सवाल किया कि क्या याचिकाकर्ता निर्वाचित प्रतिनिधि है जैसे- विधायक या ग्राम प्रधान, या संदेशखाली का निवासी या उसने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया है। अदालत ने कहा कि याचिका के साथ सबूत के तौर पर सिर्फ समाचार पत्रों की रिपोर्ट की प्रतियां संलग्न करना ही पर्याप्त नहीं है। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता से कहा कि किसी जनहित याचिका पर विचार करने के लिए उसकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना होता है। 
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मामले की समानांतर सुनवाई नहीं की जा सकती...
पेशे से वकील याचिकाकर्ता ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली गांव की महिलाओं को सुरक्षा देने की मांग वाली अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया था। खंडपीठ ने वकील से कहा कि वह याचिका पर तत्काल सुनवाई नहीं कर सकती। खंडपीठ ने कहा कि चूंकि एकल पीठ के समक्ष पहले से ही संदेशखाली मामला सुनवाई के लिए है, इसलिए वह समानांतर सुनवाई नहीं कर सकती। खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से जस्टिस कौशिक चंदा की एकल पीठ के समक्ष याचिका दायर करने को कहा, जो संदेशखाली मामले से जुडी़ एक याचिका की सुनवाई कर रही है। 
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क्या है संदेशखाली मामला
बीते दिनों देशखाली गांव की कई महिलाओं ने उत्पीड़न की शिकायत की थी। महिलाओं ने तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली नेता शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर जमीन हड़पने और यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। इसके बाद से क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो टीएमसी नेताओं समेत 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, शाहजहां शेख अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।      

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