नोटबंदी से गांवों में रूका केबल टीवी डिजिटलीकरण अभियान
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संघ ने कहा है कि नोटबंदी की वजह से लोगों के पास जरूरी चीजें खरीदने के लिए तो पैसे नहीं है। ऐसे में सेट टॉप बॉक्स के लिए कहां से नकद लाएंगे। गांव में डिजिटल भुगतान की पर्याप्त व्यवस्था के चलते भी चौथे चरण में देरी हो गई है।
चौथे चरण के तहत सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा था कि यह निर्णय न्यायालय में लंबित मामलों और चौथे चरण के लिए निर्धारित क्षेत्रों में सेट टॉप बॉक्स लगाने की असंतोषजनक प्रगति के चलते बाजार में व्याप्त अनिश्चितता के कारण लिया गया है।
निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए है यह अभियान
चौथे चरण में 31 दिसंबर 2016 तक ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटलीकरण के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। संघ की अध्यक्ष रूप शर्मा कहती है कि नोटबंदी की वजह से लोगों के पास पैसे नहीं है। वे दो हजार रुपये से घर का राशन खरीद रहे हैं। टीवी के लिए सेट टॉप बॉक्स की जरूरत उनकी प्राथमिक जरूरत नहीं है।
शर्मा पूरे केबल डिजिटलीकरण अभियान को ही ग्राहकों के खिलाफ मानती है। उन्होने कहा कि इस अभियान के जरिये केबल टीवी प्रणाली में पारदर्शिता और सरकार को ज्यादा टैक्स मिलने का दावा किया गया था।
मगर सरकार के टैक्स संकलन में कोई खास असर नहीं पड़ा। वहीं ग्राहकों को ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है। ये कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए इस अभियान को लाया गया था।