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CAA-डिटेंशन सेंटर: कांग्रेस बोली- वाजपेयी सरकार का फैसला रोका, मुस्लिमों से संपर्क साधेगी भाजपा

Fri, 27 Dec 2019 03:43 AM IST
योगेश साहू ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Fri, 27 Dec 2019 03:43 AM IST
सार

  • हमने वाजपेयी सरकार के फैसले को रोका: माकन 
  • वाजपेयी सरकार में अनुच्छेद 14ए जोड़ा गया और नियम बने
  • यूपीए सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआरसी रोका
  • भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वरिष्ठ नेताओं के साथ की बैठक
  • सीएए पर समर्थन के अभियान के लिए खींचा घर-घर संवाद का खाका
  • एक पखवाड़े तक छोटे समूहों के साथ होंगी सैकड़ों बैठकें

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CAA: Congress halted Vajpayee governments decision on Detention Center BJP contact 3 crore Muslim
Protest against CAA - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नागरिकता तय करने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप के बीच गुरुवार को कांग्रेस अपने ऊपर लग रहे आरोपों का जवाब देने उतरी। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री और यूपीए सरकार में जनगणना 2011 के प्रभारी अजय माकन का कहना है कि एनडीए सरकार के दौरान 2003 में नागरिकता विधेयक में संशोधन हुआ। इसमें अनुच्छेद 14ए जोड़ा गया, जिसमें कहा गया कि सरकार अनिवार्य रूप से प्रत्येक नागरिक को पंजीकृत कर सकती है। सरकार भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर रख सकती है। वहीं भाजपा ने भी कमर कस ली है। उसका कहना है कि वह तीन करोड़ मुस्लिमों से संपर्क कर नागरिकता कानून को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करेगी।
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माकन का कहना है कि मोदी सरकार ने जिस एनपीआर को शुरू कर रही है दरअसल वो एनआरसी ही है। ये सीधी-सीधी एक साजिश है कि एनआरसी को एनपीआर के भेष में ये सरकार देश में पेश कर रही है।उन्होंने बताया कि वाजपेयी सरकार में 10 दिसंबर 2003 में इससे संबंधित कई नियम भी अधिसूचित किए गए और एनपीआर की प्रक्रिया से पहले एनडीए सरकार ने एक पायलट प्रोजेक्ट पर काम भी शुरू किया।
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आइडेंटिटी कार्ड सिटीजन के लिए देश भर में 12 राज्य और केंद्रशासित राज्य चुना गया। इस बीच देश में कांग्रेस पार्टी की सरकार आ गई। जब हमारी सरकार आई तब तक ये कार्यक्रम शुरू हो चुका था। अक्तूबर 2006 में इस कार्यक्रम को लेकर केंद्र्र सरकार की कमेटी ऑफ सेक्रेटरी कहती है कि बड़ी बोझिल प्रक्रिया है, व्यवहारिक नहीं है और मुश्किलें आ रही हैं। 
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लिहाजा इसे रोक देना चाहिए और पायलट प्रोजेक्ट को आई कार्ड देने के लिए आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। तब 31 लाख लोगों में 12 लाख के ही आई कार्ड बन पाते। ये प्रोजेक्ट भाजपा सरकार ने शुरू किया कामयाब न होने पर हमारी सरकार ने रोक दिया और एनपीआर पर काम करने पर विचार किया। 

एनपीआर को लेकर माकन ने अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए बताया कि संयुक्त राष्ट्र की परिभाषा के आधार पर हमने ऐसा किया था। नेशनल पापुलेशन रजिस्टर यूजअल रेजीडेंट यानि सामान्य नागरिक नहीं सामान्य निवासी शामिल थे। तत्कालीन मंत्री पी.चिदंबरम के वीडिया पर सफाई देते हुए माकन ने कहा कि उन्होंने कहीं सिटीजन्स की बात नहीं कही है। हम नागरिक नहीं सामान्य निवासी की बात कर रहे हैं। 

भाजपा के किसी भी नेता ने पांच सालों में निवासियों की बात नहीं कही हमेशा नागरिकता संशोधन की बात कही। भाजपा ने इससे पहले एनपीआर की बात भी नहीं कही। उन्होंने कहा कि हमारे 2010 के एनपीआर में 14 सरल सवाल हैं जो देश के एक निवासी के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि 2020 को लेकर सवालों का एक फार्म सोशल मीडिया में घूम रहा है जिसका सरकार की ओर कोई खंडन भी नहीं किया गया है। 

जनगणना से पहले एक प्री-टेस्ट होता है जिसे सरकार ने बीते सितंबर से ही शुरू कर दिया था। सरकार की ओर से जो सवाल जोड़ा गया है कि उसमें अगर किसी व्यक्ति के साथ माता-पिता या पत्नी नहीं रहती है तो उसकी जानकारी भी मांगी जा रही है। माता-पिता और पत्नी कहां रही रही हैं ऐसा तो पहले शामिल नहीं था। इसी प्रकार ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, आधार और मोबाइल नंबर की क्या जरूरत है। ये सुप्रीम कोर्ट के निजिता पर आए फैसले का उल्लघंन है।

भाजपा का घर-घर संवाद के जरिये तीन करोड़ मुसलमानों से संपर्क का लक्ष्य तय

भाजपा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन और एनआरसी के साथ राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर पर कथित तौर पर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए एक पखवाड़े तक व्यापक अभियान चलाएगी। बृहस्पतिवार को पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पार्टी महासचिव बीएल संतोष, मुख्तार अब्बास नकवी, किरण रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, गजेंद्र सिंह शेखावत, अनुराग ठाकुर, देवेंद्र फडनवीस जैसे कई नेताओं के साथ बैठक कर इससे संबंधित रणनीति का खाका खींचा।

बैठक में शामिल एक नेता के मुताबिक अभियान का मुख्य एजेंडा मुसलमानों में फैलाए गए भ्रम को दूर करने का होगा। इस कड़ी में योजना घर घर संपर्क के जरिये 3 करोड़ मुसलमान बिरादरी से सीधा संवाद करने की है। पार्टी इसके अलावा एक हजार से कम संख्या वाले सैकड़ों समूहों को जिला स्तर पर बैठक कर इससे जुड़े भ्रम दूर करेगी। पार्टी पहले ही देश भर में 300 प्रेस कांफ्रेंस करने की घोषणा कर चुकी है। पार्टी ने इसे जनजागरण अभियान नाम दिया है।

ज्यादातर अभियान देश के उस हिस्से में चलाए जाएंगे जहां मुसलमानों की प्रभावशाली उपस्थिति है। जिन जगहों पर सीएए के विरोध में प्रदर्शन हुए, उन जगहों को इस अभियान में प्राथमिकता दी जाएगी। प्रेस कांफ्रेंस सभी राज्यों की राजधानियों के साथ अधिकतर जिले में किए जाएंगे।

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