{"_id":"6ab0f7e647e5dce1fb0c00e9","slug":"build-highways-or-animal-shelters-nhai-approaches-supreme-court-over-7-000-crore-expenditure-what-is-the-issu-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईवे बनाएं या पशुओं के लिए शेल्टर होम: सात हजार करोड़ खर्च पर एनएचएआई पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, क्या है मामला?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
हाईवे बनाएं या पशुओं के लिए शेल्टर होम: सात हजार करोड़ खर्च पर एनएचएआई पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, क्या है मामला?
Mon, 21 Sep 2026 02:55 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 21 Sep 2026 02:55 PM IST
सार
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा मवेशियों के लिए देशभर में शेल्टर बनाने के निर्देश को चुनौती देने एनएचएआई वाली की याचिका पर सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच बनाने पर सहमति जताई है। एनएचएआई ने कहा कि शेल्टर बनाने पर करीब 7 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट सोमवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की उस याचिका पर सुनवाई के लिए एक स्पेशल बेंच बनाने पर सहमत हो गया, जिसमें देश भर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर बनाने के निर्देश को चुनौती दी गई थी।
क्या है पूरा मामला?
अथॉरिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच से आग्रह किया कि जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली स्पेशल बेंच ने उन्हें शेल्टर बनाने का निर्देश दिया था, जबकि ये शेल्टर स्थानीय अधिकारियों को बनाने चाहिए।
सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को देश भर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया गया था, जिस पर अथॉरिटी के अनुसार लगभग 7,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा, 'हमारा कहना है कि यह काम स्थानीय जिला-स्तरीय प्रशासन को करना चाहिए। हम इसे पूरे देश में नहीं कर सकते।'
विज्ञापन
उन्होंने एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए जस्टिस नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया वाली स्पेशल बेंच के पुनर्गठन की भी मांग की। सॉलिसिटर जनरल ने बेंच से कहा,' आवारा कुत्तों से जुड़ा एक मामला है। मैं एनएचएआई की ओर से एक याचिका दायर कर रहा हूं।'
सीजेआई ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जब तक सीजेआई विशेष रूप से निर्देश न दें, तब तक स्पेशल बेंच का गठन नहीं किया जा सकता। इस पर सीजेआई ने कहा, 'हम गठन करेंगे।' यह घटनाक्रम आवारा कुत्तों और मवेशियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान हुआ, जिसमें उनके प्रबंधन के उपाय और विभिन्न सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारियां शामिल थीं।
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला?
अथॉरिटी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच से आग्रह किया कि जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली स्पेशल बेंच ने उन्हें शेल्टर बनाने का निर्देश दिया था, जबकि ये शेल्टर स्थानीय अधिकारियों को बनाने चाहिए।
विज्ञापन
सॉलिसिटर जनरल ने क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को देश भर में आवारा मवेशियों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया गया था, जिस पर अथॉरिटी के अनुसार लगभग 7,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा, 'हमारा कहना है कि यह काम स्थानीय जिला-स्तरीय प्रशासन को करना चाहिए। हम इसे पूरे देश में नहीं कर सकते।'
विज्ञापन
उन्होंने एनएचएआई की याचिका पर सुनवाई के लिए जस्टिस नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन. वी. अंजारिया वाली स्पेशल बेंच के पुनर्गठन की भी मांग की। सॉलिसिटर जनरल ने बेंच से कहा,' आवारा कुत्तों से जुड़ा एक मामला है। मैं एनएचएआई की ओर से एक याचिका दायर कर रहा हूं।'
सीजेआई ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जब तक सीजेआई विशेष रूप से निर्देश न दें, तब तक स्पेशल बेंच का गठन नहीं किया जा सकता। इस पर सीजेआई ने कहा, 'हम गठन करेंगे।' यह घटनाक्रम आवारा कुत्तों और मवेशियों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान हुआ, जिसमें उनके प्रबंधन के उपाय और विभिन्न सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारियां शामिल थीं।