मायावती की बदली-बदली सी राजनीति: बसपा प्रमुख की नई शैली में हमले की जगह दिख रहे 'सुझाव'
- मायावती ने की मोदी सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए शुरू किए गए 'उत्सव' अभियान की सराहना
- कहा, श्रमिक और कामगार जहां पर हैं, उन्हें वहीं पर कोविड-19 का निशुल्क टीका लगाया जाए
विस्तार
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को अपने एक बयान में कहा है कि सभी स्तरों पर राजनीतिक सत्ता की 'मास्टर चाबी' अब अपने हाथ में लेनी होगी। 'बहन जी' के बयान में उनकी नई शैली साफ नजर आई। राजनीतिक दलों पर सीधा हमला बोलने की जगह उन्होंने 'सुझाव' देने को अधिक तव्वजो दी है। मायावती ने बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयंती पर कहा, देश में इस वर्ष फिर से कोविड-19 महामारी की रफ्तार बढ़ने के कारण लोगों के पलायन की स्थिति बन रही है। बहुत से लोग जो पलायन कर अपने-अपने राज्यों में लौटने का मन बना रहे हैं या लौट रहे हैं, उन्हें वहीं रोक कर वहां की राज्य सरकारें उनके रहने और खाने की समुचित व्यवस्था करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो ये लोग महामारी की चपेट में आ सकते हैं। बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, इस पलायन को रोकने के लिए केंद्र सरकार को सभी राज्य सरकारों की मदद करनी होगी।
मायावती ने अपने बयान में कोविड-19 महामारी पर ज्यादा फोकस किया है। उन्होंने कहा, कोरोना संक्रमण के चलते लोग अपने घरों की ओर पलायन कर रहे हैं। सरकार उन्हें वहीं पर रोके। उनके ठहरने और खाने पीने की समुचित व्यवस्था की जाए। यह कदम ज्यादा उचित रहेगा। अगर ये लोग पलायन करते हैं तो वे कोरोना महामारी की चपेट में आ सकते हैं। इससे उनकी मुश्किलों में और ज्यादा इजाफा हो जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार, सभी राज्यों की मदद करे। श्रमिक और कामगार जहां पर हैं, उन्हें वहीं पर कोविड-19 का निशुल्क टीका लगाया जाए। मायावती ने मोदी सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए शुरू किए गए 'उत्सव' अभियान की सराहना की है।
उन्होंने कहा, सरकार ने टीका लगवाने को लेकर 14 अप्रैल तक टीकाकरण उत्सव मनाने का विशेष अभियान चलाया है, यह अच्छी बात है। हालांकि उन्होंने यह भी कह दिया कि यह उत्सव देश के गरीब एवं अन्य सभी जरूरतमंदों को मुफ्त में टीका लगाने के रूप में मनाया जाता तो यह ज्यादा उचित होता। वह सरकार से अनुरोध करती हैं कि देश के सभी वर्गों और जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में कोविड-19 का टीका लगाने का आज ही एलान किया जाए।
मायावती ने कहा, 14 अप्रैल का दिन बसपा के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दिन जातिवादी, रूढ़िवादी और संकीर्ण मानसिकता रखने वाली पार्टियों और ताकतों का मुकाबला करने और आंबेडकर मिशन को आगे बढ़ाने के लिए बसपा का गठन किया गया था। उन्होंने दावा किया है कि बसपा, बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाते में पूरे जी जान से लगी हुई है। हमें बाबा साहब की सोच के मुताबिक केंद्र और राज्यों में तथा अन्य सभी स्तर पर राजनीतिक सत्ता की 'मास्टर चाबी' खुद अपने हाथों में लेनी होगी। इसी खास मकसद से ही बसपा का गठन किया गया है। मुझे पूरी उम्मीद है कि बसपा के लोग बाबा साहब के सपने को जरूर साकार करेंगे।