फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BSF to Be Deployed with ‘Lathis’ During West Bengal–Assam Polls, Troops Left Confused

BSF: पश्चिम बंगाल-असम चुनाव में 'लाठी' के साथ तैनात होगी 'बीएसएफ', असमंजस में हैं 'सीमा सुरक्षा बल' के जवान

Sat, 14 Mar 2026 07:46 PM IST
Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Sat, 14 Mar 2026 07:46 PM IST
विज्ञापन
BSF to Be Deployed with ‘Lathis’ During West Bengal–Assam Polls, Troops Left Confused
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

पश्चिम बंगाल और असम में निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा चुनाव कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। फिलहाल पश्चिम बंगाल में सीएपीएफ की लगभग पांच सौ कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। सीमा सुरक्षा बल 'बीएसएफ' के जवानों से कहा गया है कि वे चुनावी ड्यूटी के दौरान अपने हाथों में 'लाठी' रखें। सूत्रों के मुताबिक, बीएसएफ डीजी ने यह हिदायत दी है। नॉर्थ बंगाल के आईजी सहित कई अफसरों को यह आदेश ठीक नहीं लग रहा। इसके अलावा बीएसएफ जवान भी 'लाठी' वाले आदेश से असमंजस में हैं। वजह, पश्चिम बंगाल के 2021 के चुनाव में कई स्थानों पर हिंसा हुई थी। असम में भी कई ऐसे इलाके हैं, जो विधानसभा चुनाव के लिहाज से अति संवेदनशील माने जाते हैं। 

विज्ञापन


क्यों गले नहीं उतर रहा ये आदेश 
बीएसएफ के डीजी प्रवीण कुमार ने पिछले दिनों गुवाहाटी, साउथ बंगाल और नॉर्थ बंगाल के आईजी के साथ शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराने को लेकर बैठक की थी। उस बैठक में डीजी ने अफसरों को अवगत कराया कि इस बार चुनावी ड्यूटी के दौरान बीएसएफ जवान अपने पास 'लाठी' रखेंगे। हालांकि बैठक में मौजूद बीएसएफ अफसरों को डीजी के आदेश पर हैरानी हुई। पश्चिम बंगाल और असम में कई इलाके संवेदनशील हैं, ऐसे में केवल 'लाठी' रखना, क्या ये निर्णय जवानों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। नॉर्थ बंगाल फ्रंटियर के आईजी ने इस आदेश को सही नहीं बताया। ये आदेश, वहां मौजूद बीएसएफ के दूसरे अफसरों के गले भी नहीं उतरा। 
विज्ञापन


कोकराझार में बिना हथियार के ड्यूटी . 
बैठक में जिलों के अधिकारी भी मौजूद थे। बीएसएफ डीजी के आदेश पर जहां कई अफसरों को हैरानी हुई तो वहीं संबंधित जिले के एक एसपी ने इसका समर्थन किया। कोकराझार, जो पिछले दशक में उग्रवादी घटनाओं को लेकर अशांत क्षेत्रों में शामिल रहा है, के एसपी ने बिना हथियारों के और लाठी के साथ जवानों की तैनाती का आदेश जारी कर दिया। बीएसएफ के ग्राउंड अधिकारियों ने इस आदेश का समर्थन नहीं किया। सूत्रों ने बताया कि ये आदेश, बीएसएफ जवानों और अफसरों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। बीएसएफ अफसरों का कहना है कि पश्चिम बंगाल और असम के संवेदनशील इलाकों में चुनावी ड्यूटी, बिना हथियार कैसे संभव है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीईसी ने मांगी 2021 में हुई हिंसा की रिपोर्ट 
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इसी सप्ताह पश्चिम बंगाल का दौरा किया है। उन्होंने शांतिपूर्वक चुनाव कराने के मकसद से मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती और डीजी पीयूष पांडेय के साथ बैठक की। मुख्य चुनाव आयुक्त ने वर्ष 2021 के चुनाव में किन-किन क्षेत्रों में हिंसा की घटनाएं हुई थीं, इसका विस्तृत ब्यौरा मांगा है। उस दौरान कौन से अधिकारी चुनावी ड्यूटी पर थे, उनकी लिस्ट भी तलब की है। हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई, यह जानकारी भी मांगी गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed