BSF: बीएसएफ ने लगाई हथियारों की प्रदर्शनी, छात्रों ने कहा- हथियार उठाकर अहसास की देश की ताकत
बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए.के. आर्य ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी के साथ–साथ सीमा क्षेत्र के युवाओं के लिए सुरक्षा बलों के प्रति जागरूकता और उत्साह जगाने के लिए समय–समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रहती है।
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यह एक अलग तरह का अहसास था। उन हथियारों को अपने हाथ में उठाकर देखने का मौका मिला जो कभी हम केवल दूर से देखते थे। पहली बार अहसास हुआ कि कैसे हमारी सीमाएं बीएसएफ के हाथों में महफूज हैं। यह अहसास पहली बार हुआ है, जब भारतीय सेना के हथियारों को इतनी नजदीक से देखने का मौका मिला। हम भी बड़े होकर देश की रक्षा के लिए भारतीय सुरक्षाबलों में जाएंगे औेर देश और समाज के लिए अपना कर्तव्य निभाएंगे। यह कहना था बीएसएफ द्वारा भारत-बाग्लादेश सीमा पर लगाए गए हथियारों की प्रदर्शनी में हिस्सा लेने आए विद्यार्थियों का। इस दौरान स्कूली बच्चों को विशेष उपकरण भी दिखाए गए। इस दौरान बच्चों ने जवानों की वीरता को सैल्यूट किया।
बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता डीआईजी ए.के. आर्य ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल अंतरराष्ट्रीय सीमा की चौकसी के साथ–साथ सीमा क्षेत्र के युवाओं के लिए सुरक्षा बलों के प्रति जागरूकता और उत्साह जगाने के लिए समय–समय पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। इसी सिलसिले में दक्षिणी बंगाल सीमांत के अन्तर्गत उत्तर 24 परगना जिला के सीमावर्ती इलाके में तैनात 68वीं वाहिनी की सीमा चौकी मामाभगिना में हथियारों की एक प्रदर्शनी लगाई गई। हथियार प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों को ड्यूटी में इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष उपकरणों की भी जानकारी दी गई। आर्य ने बताया कि जैसा बच्चों ने बताया, बच्चों ने अपने हाथ से हथियार छूकर देखा और अपने देश की ताकत को नजदीक से महसूस किया। बच्चों ने अधिकारी की मौजूदगी में हथियारों को छूकर देखा। उनका उत्साह देखते ही बनता था।
आर्य ने बताया कि इस प्रदर्शनी में सीमावर्ती इलाके के, गवर्नमेंट हाई स्कूल, मामाभगिना के 80 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। आर्य ने बताया कि जिस तरह का उत्साह बच्चों में देखने को मिली, यही हमारा मकसद भी है। हमारा मकसद है बच्चों को जागरूक करना, उनमें देश भक्ति की भावन जगाना और उनके अहसास कराना कि बीएसएफ के हाथों में देश की सीमाएं सुरक्षित हैं। आर्य ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल सीमा क्षेत्र में रहने वाले विद्यार्थियों को भारतीय सुरक्षा बलों में भर्ती होने के लिए समय–समय पर विभिन्न कार्यक्रमों जैसे फिजिकल ट्रेनिंग, भर्ती प्रक्रिया की जानकारी, लिखित परीक्षा के लिए क्लास, कंप्यूटर नॉलेज और हथियारों की जानकारी की जानकारी देने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजन करती रहती है।