फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BSF open their own dhabas for truck drivers, giving information about coronavirus

लॉकडाउन में ट्रक ड्राइवरों के लिए बीएसएफ ने खोले अपने ढाबे, खाने के साथ दे रहे कोरोना की जानकारी

Wed, 22 Apr 2020 05:29 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 22 Apr 2020 05:29 PM IST
विज्ञापन
BSF open their own dhabas for truck drivers, giving information about coronavirus
BSF Indo Pak border - फोटो : Amar Ujala
भारत-पाकिस्तान और भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ के प्रहरी अब ट्रक चालकों के लिए सबसे बड़े मददगार बन गए हैं। ये वे चालक हैं जो लॉकडाउन के दौरान जरूरी वस्तुओं की सप्लाई कर रहे हैं। लॉकडाउन से सड़क किनारे के बंद पड़े ढाबे और होटलों से इन चालकों को दिक्कत होने लगी।
विज्ञापन


बीएसएफ ने मुख्य मार्गों या किसी दूसरे हाईवे पर पड़ने वाले अपने अधिकांश परिसरों के सामने ट्रक चालकों के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी है। भोजन ही नहीं, ट्रक चालकों को कोरोना से बचाव के लिए जानकारी भी दी जाती है।

विज्ञापन


बीएसएफ के जवान उन्हें मास्क और सैनिटाइजर जैसी वस्तुएं भी दे देते हैं। अगर ट्रकों की लाइन लंबी होती है तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कर चालकों को सड़क किनारे खड़ा करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार, हमारे जवान जहां पर भी तैनात हैं, वहां अपने आसपास रहने वाले लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देते हैं। बीएसएफ परिसर के सामने से अनेक ट्रक गुजरते हैं। बीएसएफ के अधिकारियों को पता चला कि इन ट्रक चालकों के पास खाने पीने का कोई जरिया नहीं है।


इसके बाद जवानों ने अपने परिसर के सामने वाली सड़क पर ट्रकों को रूकवाना शुरू कर दिया। सबसे पहले ड्राइवरों को सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब बताकर उन्हें कतार में खड़ा किया जाता है। इसके बाद एक-एक कर उनके हाथ साबुन से धुलवाए जाते हैं।

उन्हें चाय देते हैं और उसके बाद खाना खिलाया जाता है। जब वे वहां से जाने लगते हैं तो उन्हें पांच मिनट के लिए बीएसएफ के अधिकारी कोरोना से बचाव के बारे में समझाते हैं। चूंकि ट्रक के माल को चढ़ाना और फिर उतरवाना, ऐसे में उन्हें कई लोगों के संपर्क में आना पड़ता है।

इसके लिए उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का मतलब बताकर मास्क और दस्ताने दे दिए जाते हैं।
 
सीमा सुरक्षा बल के सेक्टर हेड क्वार्टर फाजिल्का और 96 बटालियन फाजिल्का ने राष्ट्रीय राजमार्ग 9 (जो राजस्थान और पंजाब जम्मू इत्यादि राज्यों को जोड़ती है) पर सबसे पहले ये प्रयोग किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा।


इसके बाद दूसरी जगहों पर भी ट्रक चालकों को खाने पीने की मदद देनी शुरू कर दी गई। लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई को बरकरार रखने के लिए लगातार काम कर रहे इन ट्रक ड्राइवरों को जब बीएसएफ से ये मदद मिलती है तो उनके चेहरे खिल उठते हैं।

दूसरी ओर कोरोना के आपातकाल में सीमा प्रहरियों को भी अपने कर्तव्य पालन का सुखद अनुभव प्राप्त हो जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed