सफलता: भारत ने पूर्वी लद्दाख में बनाई दुनिया की सबसे ऊंची सड़क, जानिए इसके बारे में सब कुछ
समुद्र तल से 19,300 फीट की ऊंचाई पर बनी इस सड़क का निर्माण बीआरओ (बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन) ने किया है। इस संबंध में पीआईबी (प्रेस सूचना ब्यूरो) की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि इस सड़क के निर्माण से लद्दाख में सामाजिक-आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और पर्यटन भी बढ़ेगा।
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भारत ने पूर्वी लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची सड़क का निर्माण किया है। पूर्वी लद्दाख के उमलिंगला पास से होकर जाने वाली इस सड़क की समुद्र तल से ऊंचाई 19,300 फीट है। रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को यह जानकारी दी। इससे पहले दुनिया की सबसे ऊंची सड़क बोलिविया में थी। यहां उतुरुंसू ज्वालामुखी के पास स्थित सड़क की समुद्र तल से ऊंचाई 18,953 फीट है।
इस सड़क के बन जाने से अब उमलिंगला पास एक ब्लैक टॉप रोड से जुड़ गया है। 52 किलोमीटर लंबी यह सड़क पूर्वी लद्दाख के चुमार सेक्टर के महत्वपूर्ण कस्बों को जोड़ती है। सरकार के अनुसार यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए एक वरदान की तरह साबित होगी क्योंकि यह लेह से चिसुमले और डेमचोक को जोड़ने वाला एक वैकल्पिक और सीधा मार्ग उपलब्ध कराएगी।
.@BROindia constructs highest motorable road in the world in Eastern Ladakh
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Road at Umlingla Pass constructed at an altitude of 19,300 ft
Umlingla Pass now connected with a Black Top Road
To enhance socio-economic condition & promote tourism in Ladakhhttps://t.co/QZsetvB2Cz pic.twitter.com/xzhNaM5GvY— PIB India (@PIB_India) August 4, 2021
जहां इस सड़क का निर्माण किया गया है वहां कि स्थितियां इस तरह के निर्माण कार्य के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण थीं। सर्दियों के दौरान यहां का तापमान माइनस 40 डिग्री सेल्सलियस तक चला जाता है और ऑक्सीजन का स्तर सामान्य स्थानों के मुकाबले लगभग 50 फीसदी रह जाता है। बीआरओ ने ऐसी परिस्थितियों के बावजूद इस अहम सड़क का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
इस सड़क का निर्माण माउंट एवरेस्ट बेस कैंप से भी अधिक ऊंचाई पर किया गया है। नेपाल में स्थित साउथ बेस कैंप की ऊंचाई 17,598 फीट है बकि तिब्बत में स्थित नॉर्थ बेस कैंप 16,900 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह सियाचिन ग्लेशियर से भी ऊपर है जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 17,700 फीट है। वहीं, लेह में स्थित खारदूंगा ला पास की ऊंचाई 17,582 फीट है।