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सामने आया यूपीए का एक और घोटाला, जेट विमान सौदे में कमीशन का आरोप
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:04 PM IST
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अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के बाद रक्षा क्षेत्र से जुड़े अब एक और नया घोटाला सामने आया है। यूपीए शासनकाल में ब्राजील की एक विमान बनाने वाली कंपनी, एम्ब्रायर ने भारत से तीन EMB-145 जेट विमानों के लिए 208 मिलियन डॉलर (लगभग 1391 करोड़ रुपए) का सौदा किया था। अब इस रक्षा सौदे में ब्राजील और अमेरिकी कानून मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि इस डील के लिए एम्ब्रायर ने ब्रिटेन स्थित बिचौलिये को कमीशन दिया था। बता दें कि भारत में रक्षा सौदों के लिए इस तरह की कमीशन प्रतिबंधित है।
टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, इन तीन EMB-145 जेट विमान को स्वदेशी रडार से लैस कर डीआरडीओ की 2,520 करोड़ रुपये की (एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स) महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तैयार किया गया है। एम्ब्रायर ने पहला EMB-145 जेट विमान 2011 में डीआरडीओ को सौंपा था। इसके बाद अन्य विमानों को सौंपा गया। इसके बाद डीआरडीओ ने इन्हें लंबे इंतजार के बाद पिछले साल दिसंबर में तैनात किया।
इस डील में बिचौलिए को घूस देने का मामला सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'डीआरडीओ का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।'
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, इन तीन EMB-145 जेट विमान को स्वदेशी रडार से लैस कर डीआरडीओ की 2,520 करोड़ रुपये की (एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स) महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तैयार किया गया है। एम्ब्रायर ने पहला EMB-145 जेट विमान 2011 में डीआरडीओ को सौंपा था। इसके बाद अन्य विमानों को सौंपा गया। इसके बाद डीआरडीओ ने इन्हें लंबे इंतजार के बाद पिछले साल दिसंबर में तैनात किया।
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इस डील में बिचौलिए को घूस देने का मामला सामने आने के बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'डीआरडीओ का कहना है कि उन्हें ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।'
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2010 से ही अमेरिका इस घोटाले की जांच में जुटा है
डीआरडीओ के चीफ एस. क्रिस्टोफर ने इस मामले में कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि 2008 में जब यह डील हुई थी, उस वक्त डीआरडीओ के चीफ एस. क्रिस्टोफर एयरबॉर्न अर्ली वॉर्निंग ऐंड कंट्रोल सिस्टम्स के मुखिया भी थे। 2015 में एनडीए सरकार ने उन्हें डीआरडीओ के चेयरमैन के पद पर तैनात किया था।
ब्राजील के न्यूजपेपर 'फोल्हा डे साओ पाउलो' की रिपोर्ट के मुताबिक 2008 में भारत से हुई डील में संभावित घूस प्रकरण पर अमेरिकी कानून मंत्रालय की नजर है। अमेरिका द्वारा एम्ब्रायर की 2010 से ही जांच की जा रही है। डॉमिनिकन रिपब्लिक के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के बाद से ही कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है।
अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। भारत और सऊदी अरब समेत 8 देशों के साथ हुई कंपनी की डील की जांच की जा रही है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक एम्ब्रेयर के डिफेंस सेल्स मैनेजर अल्बर्ट फिलिप ने बताया कि कंपनी के पूर्व सेल्स डायरेक्टर, जो यूरोप में तैनात थे, ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को बताया कि फर्म ने एक व्यक्ति से संपर्क किया था, जो अमेरिका को सर्विलांस सिस्टम बेचने की डील में मदद कर सके।
ब्राजील के न्यूजपेपर 'फोल्हा डे साओ पाउलो' की रिपोर्ट के मुताबिक 2008 में भारत से हुई डील में संभावित घूस प्रकरण पर अमेरिकी कानून मंत्रालय की नजर है। अमेरिका द्वारा एम्ब्रायर की 2010 से ही जांच की जा रही है। डॉमिनिकन रिपब्लिक के साथ हुए कॉन्ट्रैक्ट के बाद से ही कंपनी के खिलाफ जांच चल रही है।
अब इस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। भारत और सऊदी अरब समेत 8 देशों के साथ हुई कंपनी की डील की जांच की जा रही है। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक एम्ब्रेयर के डिफेंस सेल्स मैनेजर अल्बर्ट फिलिप ने बताया कि कंपनी के पूर्व सेल्स डायरेक्टर, जो यूरोप में तैनात थे, ने अमेरिकी जांचकर्ताओं को बताया कि फर्म ने एक व्यक्ति से संपर्क किया था, जो अमेरिका को सर्विलांस सिस्टम बेचने की डील में मदद कर सके।