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Arunachal Pradesh: दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ सीमा व्यापार शुरू करे सरकार, एनसीपी विधायक ने की वकालत

Fri, 19 Jul 2024 06:22 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर Published by: बशु जैन Updated Fri, 19 Jul 2024 06:22 PM IST
सार

भारत-चीन के द्विपक्षीय व्यापार को लेकर कहा कि सीमा पर हर साल 100 अरब डॉलर का व्यापार होता था। इसलिए केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत चीन, म्यांमार और भूटान से व्यापार को पुर्नजीवित करने की जरूरत है। हमें केंद्र सरकार को म्यांमार के पैंगसौ दर्रे के जरिये सीमा व्यापार को शुरू करने की अनुमति देने का प्रस्ताव भेजना चाहिए। यह अरुणाचल प्रदेश के हित में होगा। 

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border trades with SE Asian countries in arunachal
एनसीपी विधायक टोको तातुंग - फोटो : फेसबुक

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश में नेशनल कांग्रेस पार्टी (अजित पवार) के विधायक टोको तातुंग ने प्रदेश सरकार से पड़ोसी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए राज्य सरकार को इस बारे में केंद्र को प्रस्ताव देना चाहिए। 15 जून को भी सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी विधायक तातुंग ने संसाधन सीमित राज्य अरुणाचल के लिए सीमा व्यापार शुरू करने की मांग की थी। 

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उन्होंने भारत-चीन के द्विपक्षीय व्यापार को लेकर कहा कि सीमा पर हर साल 100 अरब डॉलर का व्यापार होता था। इसलिए केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत चीन, म्यांमार और भूटान से व्यापार को पुर्नजीवित करने की जरूरत है। हमें केंद्र सरकार को म्यांमार के पैंगसौ दर्रे के जरिये सीमा व्यापार को शुरू करने की अनुमति देने का प्रस्ताव भेजना चाहिए। यह अरुणाचल प्रदेश के हित में होगा। 
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उन्होंने कहा किपहले भारत और म्यामांर के बीच छोटे स्तर पर व्यापार होता था।  26 सितंबर 1950 को दोनों देशों के बीच अनुबंध हुआ। इसके तहत दोनों देशों की पहाड़ी जनजातियों को सीमा के 40 किमी दायरे तक बिना पासपोर्ट व्यापारिक उद्देश्य से आने-जाने की छूट दी गई। इसके बाद 2012 में दोनों देशों ने एमओयू साइन किया और पैंगसौ दर्रे के पास सीमा हाट बनाया गया। मगर 2020 में कोविड-19 आने के बाद इसे बंद कर दिया गया और अब तक शुरू नहीं किया जा सका। 
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तातुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर राज्यों के विकास पर खास ध्यान देने के मुद्दे पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सीमा व्यापार शुरू करने की जरूरत है। यह राज्य की आर्थिक तस्वीर को बदल देगा। उन्होंने कहा कि अरुणाचाल प्रदेश के लोकसभा सांसद को राज्य को उत्पादक राज्य के तौर विकसित करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए कदम उठाने चाहिए। विधायक ने कहा उम्मीद है कि हमारे दोनों सांसद सीमा व्यापार को फिर से शुरू कराने के लिए प्रयास करेंगे। 


चीन बना रहा बांध, अरुणाचाल में बढ़ा बाढ़ का खतरा : विधायक
अरुणाचल प्रदेश के पास चीन की ओर से बनाए जा रहे मेगा बांध पर भाजपा विधायक निनान्ग एरिंग ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बांध से राज्य में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास मेडोग में सांगपो नदी पर 60 हजार मेगावाट का बांध बना रहा है। विधायक ने कहा कि हम पड़ोसी देश पर भरोसा नहीं कर सकते हैं क्योंकि वे कुछ भी कर सकते हैं। वह पूरी नदी के प्रवाह का मोड़ देंगे तो हमारे राज्य का पानी सूख जाएगा। वहीं अगर पानी छोड़ दिया गया तो राज्य में बाढ़ तबाही मचाएगी। बांध के निर्माण का असर बांग्लादेश पर भी पड़ सकता है। उन्होंने राज्य में बाढ़ को रोकने के लिए बड़ी भंडारण क्षमता वाले बांधों के निर्माण का सुझाव भी दिया। साथ ही सियांग नदी पर बैराज बनाए जाने की बात कही। 

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