{"_id":"690c9cc1748ff15045094235","slug":"bombay-high-court-voter-registration-applications-on-18-years-sir-justice-riyaz-chagla-and-farhan-dubash-bench-2025-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bombay High Court: '18 साल होते ही बड़ी संख्या में मतदाता पंजीकरण आवेदन...'; SIR के बीच अदालत की अहम टिप्पणी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bombay High Court: '18 साल होते ही बड़ी संख्या में मतदाता पंजीकरण आवेदन...'; SIR के बीच अदालत की अहम टिप्पणी
Thu, 06 Nov 2025 06:34 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 06 Nov 2025 06:34 PM IST
विज्ञापन
बॉम्बे हाईकोर्ट।
- फोटो : ANI
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मतदाता पंजीकरण की कानूनी आयु को लेकर अहम टिप्पणी की है। जस्टिस रियाज छागला और जस्टिस फरहान दुबाश की पीठ ने एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान कहा, 'अगर सभी युवा 18 साल की आयु पूरी होते ही मतदाता पंजीकरण का आवेदन करने लगे तो अधिकारियों पर बोझ बढ़ जाएगा।' कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि अधिकारी आवेदनों की जांच से बोझिल हो जाएंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर व्यक्ति को मतदान की स्वतंत्रता तो मिल जाती है। हालांकि, वोट का अधिकार तभी मिलता है जब मतदाता सूची का आधिकारिक पुनरीक्षण होता है।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट ने की अहम टिप्पणी
18 वर्षीय रूपिका सिंह की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा, मतदाता सूची का पुनरीक्षण होने पर ही 18 वर्षीय नए मतदाताओं को शामिल किया जाता है। अगर हर कोई 18 वर्ष पूरा होते ही आवेदन करने लगे, तो अधिकारियों को प्रत्येक आवेदन की जांच करनी होगी, जो प्रशासनिक रूप से बेहद जटिल होगा।
विज्ञापन
अक्तूबर, 2024 में बनी मतदाता सूची, उस समय पात्र नहीं थीं मतदाता
रूपिका सिंह ने अपनी याचिका में कहा था कि अप्रैल 2024 में उनके 18 साल पूरे हुए, जिसके बाद उन्होंने मतदाता के रूप में पंजीकरण का आवेदन किया। हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष दायर अपील में उन्होंने कहा, आयोग ने उनके मतदाता पंजीकरण आवेदन को इसलिए स्वीकार नहीं किया क्योंकि महाराष्ट्र में कट-ऑफ तिथि एक अक्तूबर, 2024 थी। बता दें कि इस राज्य में विधानसभा चुनाव नवंबर, 2024 में हुए थे। इस पर अदालत ने कहा, अक्तूबर 2024 में मतदाता सूची तैयार किए जाने के समय वह पात्र मतदाता नहीं थीं।
विज्ञापन
चुनाव आयोग के वकील ने कहा- इस साल वोट का अधिकार नहीं
जस्टिस रियाज छागला और जस्टिस फर्हान दुबाश की पीठ ने चुनाव आयोग के वकील अशुतोष कुम्बकोनी से पूछा कि क्या आयोग उनके आवेदन विचार करेगा? कुम्बकोनी ने इस पर सकारात्मक जवाब दिया। अदालत ने निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को छह सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के आवेदन पर निर्णय लेने का निर्देश भी दिया। कुम्बकोनी ने अदालत को बताया कि विधानसभा चुनाव की मतदाता सूची ही आगामी नगरपालिका चुनावों में भी इस्तेमाल की जाएगी। इसलिए रूपिका इस वर्ष मतदान नहीं कर सकेंगी।
ऑनलाइन-ऑफलाइन आवेदन में अड़चनें
याचिकाकर्ता रूपिका ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करते समय जन्मतिथि चुनने का विकल्प उपलब्ध नहीं था। ऑफलाइन आवेदन भी स्वीकार नहीं किया गया। रूपिका के मुताबिक उन्हें बाद में पता चला कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए 1 जुलाई, 2025 को कट-ऑफ तिथि निर्धारित की गई है।