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बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा: पत्नी के उत्पीड़न पर लगने वाली धारा 498ए को समझौता योग्य बनाए केंद्र

Thu, 13 Oct 2022 06:14 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 13 Oct 2022 06:14 AM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि आईपीसी 498ए को समझौता योग्य बनाने के लिए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह को यह मामला केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष जल्द से जल्द रखने को कहा।

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Bombay High Court said Center to make Section 498A compromising on harassment of wife
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को कहा कि वह आईपीसी 498ए में दर्ज अपराधों को समझौता करने योग्य बनाने पर विचार करे। पति या रिश्तेदारों द्वारा पत्नी के उत्पीड़न व क्रूरता पर इस धारा में केस दर्ज होते हैं। यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है, इससे दोनों पक्षों में समझौता होने के बाद केस रद्द करवाने के लिए संबंधित पक्षों को हाईकोर्ट में अर्जी देनी होती है। हाईकोर्ट ने कहा कि हम इस तरह के रोज 10 मामले खुद सुन रहे हैं।

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जस्टिस रेवती मोहिते देरे और जस्टिस पृथ्वीराज चवान ने कहा कि आईपीसी 498ए को समझौता योग्य बनाने को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह के लिए यह मामला केंद्रीय मंत्रालय के समक्ष जल्द से जल्द रखने को कहा। एक याचिका में पुणे में दर्ज एक मामले में व्यक्ति, उसकी बहन और मां ने अपने पर दर्ज केस रद्द करने का निवेदन किया था। व्यक्ति की पत्नी उससे 25 लाख एकमुश्त मुआवजा व तलाक लेकर समझौता कर चुकी है। उसे केस रद्द करने पर आपत्ति नहीं है। अदालत ने याचिका स्वीकारते हुए एफआईआर रद्द कर दी।

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