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Bombay High court: जयसिंघानी की याचिका को कोर्ट ने किया खारिज, देवेंद्र फडणवीस की पत्नी को धमकाने का आरोप

Mon, 03 Apr 2023 12:12 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 03 Apr 2023 12:12 PM IST
सार

मालाबार हिल पुलिस स्टेशन ने अनिल और उनकी बेटी अनिक्षा जयसिंघानी के खिलाफ कथित रूप से कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप पब्लिक करने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। अनिल और उनकी बेटी अनिक्षा के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), धारा 385 (जबरन वसूली) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 (भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करके लोक सेवक को प्रेरित करना) और 12 (उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

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Bombay high court rejects appeal of jaysinghani who attempts to blackmail  deputy cm wife of maharashtra
Bombay Highcourt

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सट्टेबाज अनिल जयसिंघानी की याचिका को खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस को ब्लैकमैल करने और रिश्वत देने का जयसिंघानी पर आरोप है। इस वजह से अनिल को जेल भी हुई है। इसी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए अनिल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दिया। 

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यह है पूरा मामला

जस्टिस ए.एस गडकरी की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिका में कोई दम नहीं थी, इसलिए खारिज कर दी गई। 20 फरवरी को मालाबार हिल पुलिस स्टेशन ने अनिल और उनकी बेटी अनिक्षा जयसिंघानी के खिलाफ कथित रूप से कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप पब्लिक करने की धमकी देने के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। अनिल और उनकी बेटी अनिक्षा के खिलाफ धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), धारा 385 (जबरन वसूली) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8 (भ्रष्ट तरीकों का उपयोग करके लोक सेवक को प्रेरित करना) और 12 (उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में 17 मई को अनिक्षा को गिरफ्तार किया था और सेशन कोर्ट ने 27 मार्च को जमानत दे दी थी। अनिल को बाद में मुंबई पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया था और फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में ही है।

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अनिल ने ये लगाए थे आरोप

हाईकोर्ट में दायर याचिका में अनिल ने दावा किया था कि उन्हें 19 मार्च को अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया था। कानून के अनुसार, 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश नहीं किया गया था। उनके वकील मृगेंद्र सिंह का कहना था कि जयसिंघानी को उनकी गिरफ्तारी के 36 घंटे बाद पुलिस ने मुंबई की अदालत में पेश किया था। सिंह ने आरोप लगाया कि मामले में हर चीज की निगरानी शिकायतकर्ता के पति द्वारा की जा रही थी, जो महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं।

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गिरफ्तारी की सारी प्रक्रिया वैध

राज्य के महाधिवक्ता बीरेंद्र सराफ ने आरोपों का खंडन किया था और कहा था कि पुलिस ने सभी प्रक्रियाओं का ठीक से पालन किया और रिमांड के लिए जयसिंघानी को अदालत में पेश करने में कोई देरी नहीं हुई। सराफ ने कहा कि पुलिस ने 19 मार्च को जयसिंघानी को केवल अपने कब्जे में लिया था और वे उसे मुंबई की सक्षम अदालत के समक्ष पेश करना चाहते थे। अरेस्ट मेमो के अनुसार, जयसिंघानी को 20 मार्च को शाम 5 बजे गिरफ्तार किया गया था और 21 मार्च को सत्र अदालत में पेश किया गया था।

 

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