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Mumbai: मुंबई एयरपोर्ट के पास बनीं 48 इमारतें होंगी जमींदोज, हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश

Fri, 29 Jul 2022 09:38 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Fri, 29 Jul 2022 09:38 PM IST
सार

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनीं 48 इमारतों को गिराया जाएगा। इसको लेकर शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है।

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Bombay High Court orders to demolish portions of 48 high-rise buildings near Mumbai International Airport
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनीं 48 इमारतों को गिराया जाएगा। इसको लेकर शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट ने आदेश जारी कर दिया है। मुंबई कलेक्टर को निर्देश दिया गया है कि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 48 ऊंची इमारतों के हिस्से को ध्वस्त किया जाए। आदेश के अनुसार एक निश्चित ऊंचाई से ऊपर के हिस्से को गिराया जाना है।

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बंद करें बिजली-पानी
मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम एस कार्णिक की खंडपीठ ने अधिकारियों को उन इमारतों की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद करने का भी सुझाव दिया, जिन्हें ऊंचाई उल्लंघन के लिए नोटिस जारी किया गया है। दरअसल, उच्च न्यायालय अधिवक्ता यशवंत शेनॉय की ओर से दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें मुंबई हवाई अड्डे के पास ऊंची इमारतों से उत्पन्न खतरों पर चिंता जताई गई थी।

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137 इमारतों की हुई थी पहचान 
सुनवाई के दौरान मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (एमआईएएल)ने बताया कि इस मामले में समय-समय पर सर्वेक्षण किए जाते हैं। 2010 में कुल 137 बाधाओं इमारतों की पहचान की गई थी। इनमें 163 प्रकरणों में अंतिम आदेश पारित किया जा चुका है। इनमें से 48 इमारतों को तत्काल ध्वस्त करने की जरूरत है क्योंकि उनकी ओर से कोई अपील दायर नहीं की गई है। 

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समिति गठित करने का निर्देश
इस बीच हाईकोर्ट ने 2009 में जारी अग्नि सुरक्षा मसौदा नियमों के क्रियान्वयन पर एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए महाराष्ट्र सरकार को 19 अगस्त तक एक समिति गठित करने का शुक्रवार को निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि चार-सदस्यीय समिति को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपने के लिए दो महीने का समय दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि इसमें इस क्षेत्र के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।

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