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बांबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को 2019 तक लिए किसान कृषि ऋण का ब्योरा पेश करने का दिया आदेश
Sat, 19 Sep 2020 05:29 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 19 Sep 2020 05:29 AM IST
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
बांबे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार को उन किसानों का ब्योरा पेश करने का आदेश दिया, जिन्हें 2019 में घोषित की गई महात्मा ज्योतिराव फुले कृषि ऋण माफी योजना का लाभ दिया गया है। जस्टिस केके तातेद की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य सरकार को यह भी स्पष्टï करने के लिए कहा कि इस योजना का लाभ इसके दायरे में आ रहे सभी 35 लाख किसानों को क्यों नहीं दिया गया।
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हाईकोर्ट विधायक आशीष शेलार की उस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें बताया गया था कि राज्य में 35 लाख किसानों पर 2 लाख रुपये से कम का कृषि ऋण बकाया था। याचिका में कहा गया कि इस हिसाब से ये सभी किसान कृषि ऋण माफी योजना के तहत लाभ पाने के योग्य थे। लेकिन राज्य सरकार ने केवल 15 लाख किसानों को ही इस योजना का लाभ दिया है।
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अपनी याचिका में शेलार ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में कई बार यह सवाल उठाने का प्रयास किया कि इस योजना का लाभ सभी योग्य किसानों को क्यों नहीं दिया गया। शेलार के वकील राजेंद्र पाई के मुताबिक, विधनसभा में उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने के चलते ही वे अदालत का दरवाजा खटखटाने आए हैं।
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बता दें कि शिवसेना के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार ने 2 लाख रुपये तक के बैंक ऋण वाले किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की योजना घोषित की थी। इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलना था, जिन्होंने एक अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2019 के बीच कर्ज लिया हो और 30 सितंबर, 2019 तक इसे वापस नहीं किया हो।