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Bombay High Court: पुणे में गोला बारूद कारखाने के आसपास आवासीय गतिविधियों पर हाईकोर्ट नाराज, कही ये बात
Wed, 06 Sep 2023 06:22 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 06 Sep 2023 06:22 PM IST
सार
बॉम्बे हाईकोर्ट की पीठ ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को पुणे के खड़की में गोला-बारूद फैक्ट्री के आसपास आवासीय प्लानिंग गतिविधियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इस तरह से मानव जीवन को खतरे में नहीं डाला जा सकता है। मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ ने सरकार और स्थानीय नागरिक निकायों को इस मुद्दे को हल करने में विफल रहने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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पीठ ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ जाएगी। पीठ ने केंद्रीय रक्षा मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार, पुणे और पिंपरी चिंचवाड़ नगर निगमों के आयुक्तों और पुणे कलेक्टर को एक बैठक बुलाने और मुद्दे पर एक व्यवहार्य समाधान निकालने का निर्देश दिया।
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अदालत पुणे के दो निवासियों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें प्रतिबंधित क्षेत्र में बनी आवासीय इमारतों पर चिंता जताई गई थी। याचिका में अधिकारियों को क्षेत्र में किसी भी संरचना के निर्माण की अनुमति नहीं देने का निर्देश देने की मांग की गई है।
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पीठ ने इस तरह की अनियमित नगर योजना की अनुमति देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को फटकार लगाई। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय ने कहा कि यहां मानव जीवन दांव पर है। भगवान न करे अगर कुछ हो जाए। किसकी सुरक्षा के लिए ये गोला-बारूद जमा किया जा रहा है? आप जनता की जान जोखिम में डाल रहे हैं। पीठ ने सरकार और नगर निगम अधिकारियों को समस्या का समाधान करने में विफल रहने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
आगे उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि सभी अधिकारी एक साथ बैठें और इसे सुलझाएं। अन्यथा, हम इससे सख्ती से निपटेंगे। हम जिम्मेदारियों से भागना नहीं चाहते। हम कोई दोषारोपण नहीं करना चाहते और कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं करना चाहते। सभी प्राधिकारियों को मिलकर काम करना होगा और नागरिकों की जान बचानी होगी।