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Antilia Bomb Scare: पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को झटका, बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार
Mon, 23 Jan 2023 04:11 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: गुलाम अहमद
Updated Mon, 23 Jan 2023 04:11 PM IST
सार
Antilia Bomb Scare: मुंबई पुलिस के पूर्व अधिकारी प्रदीप शर्मा ने विशेष एनआईए अदालत के फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती देते हुए पिछले साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तब एनआईए अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने एंटीलिया बम कांड और व्यवसायी मनसुख हिरेन की हत्या के मामले में गिरफ्तार पूर्व पुलिस अधिकारी प्रदीप शर्मा को सोमवार को जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विशेष अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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शर्मा ने विशेष एनआईए अदालत के फरवरी 2022 के आदेश को चुनौती देते हुए पिछले साल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तब एनआईए अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। एंटीलिया कांड की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने आरोप लगाया है कि शर्मा ने हिरेन की हत्या करने में अपने पूर्व सहयोगी सचिन वजे की मदद की थी।
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प्रदीप शर्मा को जून 2021 में किया गया था गिरफ्तार
25 फरवरी, 2021 को दक्षिण मुंबई स्थित उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटक से भरी एसयूवी गाड़ी मिली थी। यह एसयूवी ठाणे के रहने वाले कारोबारी मनसुख हिरेन की थी, जो 5 मार्च, 2021 को ठाणे में एक खाड़ी में उनका शव बरामद हुआ था। प्रदीप शर्मा को इस मामले में जून 2021 में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
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पूर्व पुलिस अधिकारी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था और दावा किया था कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जबकि एनआईए ने आरोप लगाया है कि हिरेन की हत्या में प्रदीप मुख्य साजिशकर्ता थे। हिरेन को अंबानी परिवार को डराने की साजिश का पता था, इसलिए उनकी हत्या कर दी गई।
मनसुख हिरेन की हत्या में प्रदीप शर्मा मुख्य साजिशकर्ता थे...
एनआईए ने कहा था, प्रदीप शर्मा उस गिरोह के सक्रिय सदस्य थे, जिसने अंबानी परिवार सहित अन्य लोगों को डराने की साजिश रची थी और बाद में मनसुख हिरेन की हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्हें इस साजिश के बारे में जानकारी थी। जांच एजेंसी ने दावा किया कि हिरेन को पूरी साजिश (एंटीलिया के पास विस्फोटक लदा वाहन खड़ा करने) की जानकारी थी और दोनों आरोपियों शर्मा और वाजे को आशंका थी कि हिरेन के जरिए इसका खुलासा हो सकता है, जो उनके लिए मुश्किल पैदा कर देगा।