फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bombay High Court asks to bmc that can court consider issues related to Coastal Road layout

Bombay High Court: हाईकोर्ट ने तटीय सड़क लेआउट पर पूछे सवाल, बीएमसी ने कहा- डिजाइन में अब बदलाव संभव नहीं

Wed, 23 Aug 2023 03:45 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 23 Aug 2023 03:45 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सवाल किया कि क्या अदालत मुंबई तटीय सड़क परियोजना के लेआउट और डिजाइन से संबंधित मुद्दों पर विचार कर सकती है, इस पर बीएमसी ने कहा कि अब बदलाव संभव नहीं।

विज्ञापन
Bombay High Court asks to bmc that can court consider issues related to Coastal Road layout
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को मुंबई तटीय सड़क परियोजना के लेआउट और डिजाइन से संबंधित मुद्दों को लेकर बीएमसी से कई सवाल किए और पूछा कि क्या अदालत इस बारे में विचार कर सकती है, इसके जवाब में बीएमसी ने कहा है कि इस परियोजना का लगभग 80 फीसदी काम खत्म हो चुका है और इस अवस्था में बदलाव करना संभव नहीं है। 

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय और न्यायमूर्ति आरिफ डॉक्टर की खंडपीठ शहर के वास्तुकार एलन अब्राहम द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें परियोजना में मौलिक बदलाव किए बिना, अधिक सुलभ खुली जगह बनाने के लिए पुनः प्राप्त भूमि पर आने वाले तटीय सड़क (दक्षिण) के हिस्से के डिजाइन में बदलाव की मांग की गई थी।
विज्ञापन


बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एस्पी चिनॉय और वकील जोएल कार्लोस ने बुधवार को अदालत को बताया कि परियोजना पर लगभग 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। बीएमसी ने भी याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दायर किया जिसमें दावा किया गया कि परियोजना के किसी भी हिस्से के डिजाइन या लेआउट में कोई भी बदलाव अब न तो संभव है और न ही व्यावहारिक है और इस स्तर पर किसी भी बदलाव की भारी लागत और समय लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


हलफनामे में कहा गया है कि मुंबई तटीय सड़क परियोजना का डिजाइन और निर्माण विशेषज्ञ निकायों द्वारा किए गए विस्तृत अध्ययन पर आधारित है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वेंकटेश धोंड ने कहा कि पुनर्ग्रहण की सीमा अधिक है और परियोजना का निर्माण भूमि के अंदरूनी हिस्से पर किया जा सकता था। 

पीठ ने कहा कि वह याचिका पर 27 सितंबर को आगे सुनवाई करेगी। वहीं चिनॉय ने अदालत को बताया कि नगर निकाय के पास जमीन वापस लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि समुद्र तट पर निर्माण करना असंभव है, जहां घुमावदार और टेढ़ी-मेढ़ी सड़कें हैं।


बीएमसी ने अपने हलफनामे में कहा कि याचिकाकर्ता परियोजना के डिजाइन और लेआउट में पर्याप्त संशोधन की मांग कर रहा था। हलफनामे में दावा किया गया कि तटीय सड़क का डिजाइन और लेआउट अत्यधिक जटिल और तकनीकी मुद्दा है। इसमें कहा गया कि परियोजना पर 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। हलफनामे में कहा गया है कि 14 अगस्त, 2023 तक, 9,383 करोड़ रुपये की कुल निर्माण लागत में से 5,783 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed