बोइंग ने वायुसेना को डिलीवर किए सभी अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, बढ़ेगी ताकत
- रक्षा मंत्रालय ने सितंबर 2015 में दिया था इस सौदे को अंतिम रूप
- 22 अपाचे अटैक और 15 चिनूक हेलीकॉप्टर के लिए हुआ था सौदा
- बोइंग ने भारतीय वायुसेना को कहा धन्यवाद और जताई प्रतिबद्धता
- आधुनिक तकनीकी से लैस हैं हेलीकॉप्टर, मजबूत होगा एयर डिफेंस
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अमेरिकी एविएशन कंपनी बोइंग ने भारतीय वायुसेना को सभी अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी कर दी है। 22 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर में से अंतिम पांच की डिलीवरी वायुसेना को जून में हिंडन एयरबेस पर की गई। यह पूरी फ्लीट अब वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास प्रमुख हवाई ठिकानों पर तैनात विमानों एवं हेलीकाप्टरों का हिस्सा बन गई है।
इससे पहले बोइंग ने 15 चिनूक हैविलिफ्ट हेलीकॉप्टर में अंतिम पांच मार्च में वायुसेना को सौंपे थे। अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टरों, दोनों को ही पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ गतिरोध के मद्देनजर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से लगे क्षेत्रों में भारतीय वायुसेना की तैनाती के तहत सेवा में तैनात किया गया है।
भारत के पास अपाचे का सबसे उन्नत संस्करण
भारत उन 17 देशों में से एक है जिसने अपाचे हेलीकॉप्टर का चयन किया है और भारत के पास इसका सबसे उन्नत संस्करण AH-64E है। इस हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल अमेरिका समेत कई अन्य देश करते हैं। यह नवीनतम संचार, नेविगेशन, सेंसर और हथियार प्रणालियों सहित एक ओपन सिस्टम आर्किटेक्चर से लैस है।
इसमें बेहतर की कई आधुनिक लक्ष्य प्राप्ति प्रणाली (टार्गेट एक्विजिशन डेसिग्नेशन सिस्टम) है, जो 24 घंटे हर मौसम में लक्ष्य की जानकारी उपलब्ध कराता है। साथ ही यह नाइट विजन (अंधेरे में देख सकने की क्षमता) से भी लैस है। इसके अग्नि नियंत्रण रडार को समुद्री वातावरण में संचालित करने के लिए अपडेट किया गया है।
हर परिस्थिति में काम को अंजाम दे सकता है चिनूक
दुनिया के 24 देशों के पास या तो चिनूक हेलीकॉप्टर सेवा में हैं या फिर उनके लिए सौदा किया गया है। 50 साल से अधिक समय से यह दुनिया का सबसे विश्वसनीय और भरोसेमंद हैवीलिफ्ट हेलीकॉप्टर बना हुआ है। इसे कैसी भी जटिल परिस्थितियों में फिर चाहे वह गर्म हो या अधिक ऊंचाई पर हो, संचालित किया जा सकता है।
CH-47F (I) चिनूक में एक आधुनिक मशीनी एयरफ्रेम है, एक एवियोनिक्स आर्किटेक्चर प्रणाली (सीएएएस) वाला कॉकपिट और एक डिजिटल ऑटोमैटिक फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम (डीएएफसीएस) है। इन आधुनिक तकनीकों की मदद से भारतीय वायुसेना अभियानों की बढ़ती संख्या को पूरा कर सकने में सक्षम हो सकेगी।
एलएसी पर हुई हेलीकॉप्टरों की तैनाती
इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल मुख्य रूप से पूर्वी लद्दाख में अग्रिम स्थानों पर सैनिकों को पहुंचाने के लिए किया जा रहा है, जहां भारत और चीन की सेनाओं के बीच आठ सप्ताह से गतिरोध था। बता दें कि दोनों पक्षों ने इस सप्ताह तीन प्रमुख गतिरोध वाले स्थानों से सैनिकों की संख्या को कम किया है।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर बीते दिनों तनाव चरम पर रहा है। अब हालांकि, टकराव के बिंदुओं से दोनों देशों की सेनाएं पीछे लौट रही हैं लेकिन भारत इसे लेकर सतर्क है। इसे लेकर एलएसी पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर्स और फाइटर जेट की गश्त भी जारी है। यहां चिनूक, मिग और अपाचे तैनात किए गए हैं।
सितंबर 2015 में हुआ थी यह डिफेंस डील
भारतीय रक्षा मंत्रालय ने 22 अपाचे और 15 चिनूक हेलीकॉप्टरों के उत्पादन, प्रशिक्षण व समर्थन के लिए बोइंग के साथ सौदे को सितंबर 2015 में अंतिम रूप दिया था। वहीं, इस साल की शुरूआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दिल्ली यात्रा के दौरान भारतीय सेना के लिए छह अपाचे हेलीकॉप्टर का अनुबंध हुआ था।
एएच-64ई अपाचे दुनिया के सबसे उन्नत बहुद्देश्यीय लड़ाकू हेलीकाप्टरों में से एक है और इसे अमेरिकी सेना द्वारा उड़ाया जाता है। चिनूक एक बहुद्देश्यीय वर्टिकल लिफ्ट हेलीकाप्टर है जिसका उपयोग मुख्य रूप से सैनिकों, तोपखाने, उपकरण और ईंधन के परिवहन के लिए किया जाता है।
मजबूत हुए भारत-अमेरिका रक्षा संबंध
भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और प्रतिरक्षा संबंध पिछले छह वर्षों से और प्रगाढ़ हुए हैं। द्विपक्षीय रक्षा व्यापार 2019 में 18 अरब अमरीकी डॉलर पर पहुंच गया जो दोनों पक्षों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग को दर्शाता है। दोनों पक्ष रक्षा विनिर्माण में दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच संयुक्त उद्यम और सहयोग के लिए भी जोर दे रहे हैं।
जून 2016 में अमेरिका ने भारत को एक प्रमुख रक्षा साझेदार का दर्जा दिया था । इसके साथ ही अमेरिका ने नई दिल्ली के साथ रक्षा व्यापार और प्रौद्योगिकी साझा करने को अपने निकटतम सहयोगियों और साझेदारों के स्तर तक बढ़ाने की इच्छा भी जताई थी।
बोइंग ने भारतीय वायुसेना को कहा धन्यवाद
इसे लेकर बोइंग इंडिया ने भारतीय वायुसेना का शुक्रिया अदा किया है। बोइंग इंडिया ने एक बयान में कहा, 'भारतीय वायुसेना को हमारे साथ भागीदारी करने के लिए धन्यवाद। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमने भारत को 22 एएच64-ई अपाचे और 15 चिनूक हेलीकॉप्टर की डिलीवरी पूरी कर दी है।'
बोइंग डिफेंस इंडिया के प्रबंध निदेशक सुरेंद्र आहूजा ने कहा, सैन्य हेलीकॉप्टर की इस डिलीवरी के साथ हमने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने का काम जारी रखा है। परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए और सही मूल्य व क्षमताएं देने के लिए हम भारतीय रक्षा बलों के साथ काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।