मिग-29 हादसा: दूसरे पायलट का शव मिला, शादी की छुट्टी के लिए पत्र लिख आए थे चर्चा में
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भारतीय नौसेना के दुर्घटनाग्रस्त हुए प्रशिक्षु ‘मिग 29के’ विमान हादसे के 11 दिन बाद लापता चल रहे दूसरे पायलट कमांडर निशांत सिंह का शव बरामद हो गया है।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के प्रवक्ता ने बताया कि गोवा के तट से करीब 30 मील दूर उनका शव सतह से 70 मीटर की गहराई पर बरामद किया गया। इस खोज अभियान में नौसेना ने दिन और रात एक कर दिए थे। खोज और बचाव के लिए अत्याधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल किया गया था। पहचान की पुष्टि करने के लिए डीएनए जांच कराने के लिए नमून भेजे जा रहे हैं।
Mortal remains of a human body have been recovered in the vicinity of the MiG 29K wreckage site off Goa coast. The samples are being sent for DNA testing for confirmation of identity: Indian Navy spokesperson
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 7, 2020
प्रवक्ता ने बताया कि विमान के साइड-स्कैन सोनार, एचडी कैमरे, एफडीआर/ सीवीआर समेत अन्य कई सामग्री बरामद की गई हैं।
All sections of the aircraft wreckage including ejection seats have been accounted for using side-scan sonar and HD cameras. The FDR/CVR along with other important material have been recovered so far for investigation: Indian Navy spokesperson https://t.co/K6vSIWYbNN
— ANI (@ANI) December 7, 2020
वक्त बीतने के साथ ही बचने की उम्मीद कम हो जाती है
रक्षा विश्लेषक ने बताया कि हादसे के बाद हर घंटे के साथ पायलट को बचाना मुश्किल हो जाता है। लेकिन ये उड्डयन की धारा से जुड़े मुख्य खतरे हैं। आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन जो शुरू में 'खोज और बचाव' ऑपरेशन हैं और करीब एक सप्ताह के बाद केवल 'सर्च' ऑपरेशन में बदल जाते हैं। व्यक्ति को अगले सात वर्षों तक लापता माना जाता है और फिर उस व्यक्ति को एक निष्कर्ष पर पहुंचने वाली औपचारिकताओं के साथ मृत घोषित कर दिया जाता है।
11 दिन से जारी था तलाशी अभियान
पायलट निशांत की तलाश बीते 11 दिन से की जा रही थी। इसके लिए नौकाएं एवं विमान तैनात किए गए थे। निशांत का विमान 26 नवंबर को गोवा के तट से अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में एक पायलट को बचा लिया गया था। नौसेना के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी दी।
नौसेना ने बयान में कहा था कि लापता पायलट कमांडर निशांत सिंह का पता लगाने के लिए नौसेना की नौकाएं एवं विमान तटीय क्षेत्रों में गहन तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं। साथ ही गोताखोरों की मदद से पानी के भीतर भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
नौसेना ने यह भी कहा था कि गोवा के तट से अरब सागर में लापता मिग-29 के विमान का कुछ मलबा मिला था, जिसमें विमान का टर्बो चार्जर, ईंधन टैंक इंजन, विंग इंजन समेत कुछ मलबा मिला है। रूस निर्मित विमान ने विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य से उड़ान भरी थी और शाम में करीब पांच बजे यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
26 नवंबर की दुर्घटना मिग -29 के समुद्री लड़ाकू बेड़े से जुड़ी चौथी दुर्घटना थी। भारत के शीर्ष लेखा परीक्षक ने चार साल पहले संसद में पेश की गई एक रिपोर्ट में इंजन आधारित परेशानी, एयरफ्रेम समस्याओं, इसके फ्लाई-बाय-वायर सिस्टम की कमियों और खराब सेवाक्षमता सहित डेक-आधारित लड़ाकू में कुछ कमियों की ओर इशारा किया था।
नौसेना ने लगा दी पूरी ताकत
भारतीय नौसेना का खोज और बचाव का प्रयास कमांडर निशांत का पता लगाने के लिए नौसेना के जहाजों और विमानों की व्यापक तैनाती की गई। लैंडिंग गियर, टर्बोचार्जर, फ्यूल टैंक इंजन और विंग इंजन काउलिंग सहित विमान का कुछ मलबा स्थित था। भारतीय नौसेना के अनुसार, खोज के प्रयासों में लगे नौ युद्धपोतों और 14 विमानों के अलावा तट के किनारे पानी की खोज के लिए फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट को भी तैनात किया गया था।
इसके अलावा, समुद्री/तटीय पुलिस की तलाश जारी थी। आसपास के मछली पकड़ने वाले गांवों को संवेदनशील बनाकर बचाव की मुहिम को तेज किया गया था। वहीं मिग -29के के प्राथमिक मलबे के आसपास के क्षेत्र में विशेष उपकरणों का उपयोग करके गोताखोरों और सीबेड मैपिंग द्वारा पानी के नीचे की खोज को भी सक्रिय किया गया था।
शादी की अनुमति के लिए लिखा पत्र हुआ था वायरल
अरब सागर में गिरे मिग-29के फाइटर जेट के लापता कमांडर निशांत सिंह का एक पत्र इस साल मई में वायरल हुआ था। दरअसल, मई की शुरुआत में सिंह ने अपने कमांडिंग ऑफिसर को अपनी शादी की अनुमति लेने के लिए यह पत्र लिखा था। वहीं, इसके जवाब में कमांडिंग ऑफिसर द्वारा लिखा गया पत्र भी चर्चा का विषय बना था। यहां पढ़ें पूरा पत्र