लोकसभा चुनाव में भाजपा को ‘मोबाइल सैनिक’ दिलाएंगे जीत, सोशल मीडिया पर रहेगा फोकस
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भाजपा आगामी लोकसभा चुनाव जीतने के लिए ‘मोबाइल सैनिकों’ को मैदान में उतारेगी। पार्टी का मानना है कि अगला चुनाव जमीन से ज्यादा सोशल मीडिया पर लड़ा जाएगा। इसके लिए मोबाइल सैनिकों की भी उतनी ही जरूरत पड़ेगी, जितनी बूथ स्तर कार्यकर्ताओं की। पार्टी इन्हें इंटरनेट युक्त स्मार्ट फोन और उसके जरिये सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाने वाला जरूरी कंटेंट उपलब्ध कराएगी।
इस पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रधानमंत्री कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी (आईटी) हीरेन जोशी कर रहे हैं। हर सांसद और विधायक को अपने क्षेत्र में बूथ स्तर पर मोबाइल सैनिक नियुक्त करने की जिम्मेदारी दी जा रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि इस कार्यक्रम के लिए एक अलग काडर ही तैयार किया जा रहा है।
केंद्रीय स्तर पर तैयार कंटेंट राज्य इकाइयों को भेजा जाएगा। वहां से जिला स्तर, ब्लॉक स्तर और बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं तक पहुंचेगा। बूथ स्तर पर 256-256 सदस्यों वाले कम से कम दो व्हाट्सएप ग्रुप बनेंगे, जो पार्टी के संदेशों को आम जनता के बीच फैलाएंगे। उन्हें उम्मीद है कि बूथ स्तर तक का मोबाइल संगठन अगले दो महीनों के दौरान तैयार हो जाएगा।
नेताओं की सूची बनाई
भाजपा ने सोशल मीडिया में प्रभाव रखने वाले नेताओं और समर्थकों की सूची तैयार की है। इसके लिए सबसे जरूरी शर्त है कि उनके कम से कम एक लाख फॉलोअर्स होने चाहिए। इन लोगों से सरकार के मंत्री और वरिष्ठ नेता समूहों में मिल कर चुनाव की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ले रहे तैयारियों का जायजा
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह खुद हर राज्य इकाई के ‘साइबर वॉरियर्स’ की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं। उनका कहना है कि अभी तक पार्टी समर्थक मीडिया की खबरों को ही सच मानते हैं, लेकिन अब पार्टी अपने व्हाट्सएप मैसेजों के जरिये मीडिया की खबरों का ‘सच’ बताएंगे।
यूपी विधानसभा चुनाव में पिछले साल मिली अभूतपूर्व सफलता का श्रेय शाह अपनी इसी रणनीति को देते हैं। वहां व्हाट्सएप ग्रुप में कुल 32 लाख सदस्य जुड़े थे। उन लोगों ने मीडिया में आ रही खबरों से ज्यादा भरोसा अपने व्हाट्सएप ग्रुप के संदेशों पर किया था। उसे ही असली खबर की तरह आगे प्रसारित किया।
महिलाओं को विशेष तौर पर जोड़ा जा रहा
इस अभियान में महिलाओं को विशेष तौर पर जोड़ा जा रहा है। इसके लिए सोशल मीडिया में सक्रिय कॉलेज की छात्राओं को जोड़ने के लिए पार्टी का महिला मोर्चा कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित कर रहा है जिनमें इनाम भी दिए जा रहे हैं। इनमें से सबसे लोकप्रिय प्रतियोगिता है-कौन बनेगी मिस सोशल।