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रफ्तार होगी धीमी मगर ठंडे बस्ते में नहीं जाएगा राष्ट्रवादी एजेंडा
Wed, 25 Dec 2019 05:11 AM IST
आसिम खान
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 25 Dec 2019 05:11 AM IST
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नरेंद्र मोदी, अमित शाह (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद मोदी सरकार के राष्ट्रवादी एजेंडे की गाड़ी की गति धीमी तो होगी, मगर इस पर ब्रेक नहीं लगेगा। एनआरसी की जगह राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को अपग्रेड करने का फैसला इसी रणनीति का हिस्सा है। इसी कड़ी में अब सरकार में राष्ट्रीय जनसंख्या नीति से पहले अब समान नागरिक संहिता लागू करने केएजेंडे पर आगे बढने पर मंथन हो रहा है। दरअसल समान नागरिक संहिता लागू किये जाने के सवाल पर बड़ा विवाद छिडने के आसार कम हैं।
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जहां तक एनपीआर अपग्रेडेशन का सवाल है तो इसे भी सरकार के राष्ट्रवादी एजेंडे से जोड़ कर देखा जा रहा है। विहिप के वरिष्ठ नेता विनोद बंसल ने इस फैसले के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी विकास की रफ्तार बढ़ेगी, साथ अवैध घुसपैठियों की समस्याओं भी मुक्ति मिलेगी। दरअसल एनपीआर के जरिये सरकार ऐसे नागरिकों का भी डाटा एकत्र करेगी जो किसी इलाके में महज छह महीने से रह रहे हैं। सभी नागरिकों को बायोमिट्रिक डाटा भी इकट्ठा किया जाएगा।
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राष्ट्रवाद पर बदलेगी रणनीति
झारखंड चुनाव से पहले और नागरिकता संशोधन कानून लागू करने के बाद सरकार की योजना राष्ट्रीय जनसंख्या नीति की राह पर आगे बढने की थी। मगर सीएए के तीखे विरोध, कुछ सहयोगियों के द्वारा व्यक्त की गई नाराजगी के बाद सरकार जनसंख्या नीति के बदले समान नागरिक संहिता बहाल करने की रणनीति पर आगे बढ़ सकती है।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार समान नागरिक संहिता लागू करने का समर्थन किया है। ऐसे में अगर सरकार इस दिशा में आगे बढ़ी तो बड़ा विवाद खड़ा होने की उम्मीद कम है। वैसे सरकार के राष्ट्रवादी एजेंडे में एनआरसी, धर्मांतरण विरोधी कानून भी शामिल है।
एजेंडे पर कोर वोटर पार्टी के साथ
पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि भले ही राष्ट्रव्यापी एजेंडे से जुड़े मुद्दों का देश के कई हिस्सों में विरोध हो रहा है, मगर इससे पार्टी के कोर वोटर नाराज नहीं हैं। चाहे अनुच्छेद 370 हो या सीएए, इन मामलों में कोर वोटरों में उत्साह है। ऐसे में पार्टी भले ही ऐसे एजेंडे को पूरा करने की रफ्तार में कमी लाए, मगर इन्हें ठंडे बस्ते में नहीं डालेगी।