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BJP vs Congress: सियासी सरगर्मियों के बीच फिर पंडित नेहरू का जिक्र; भाजपा नेता बोले- 'कांग्रेस देश-विरोधी'
Mon, 15 Apr 2024 08:17 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Mon, 15 Apr 2024 08:17 AM IST
सार
लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग का दौर जारी है। भाजपा तमिलनाडु के कच्चातिवु द्वीप के मामले में लेकर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित नेहरू की नीतियों को कठघरे में खड़ा करने की जुगत में है। इसी बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ताल ठोक रहे बीजेपी प्रत्याशी बीपी राय ने कांग्रेस को 'एंटी-इंडिया' करार दिया।
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बीजेपी उम्मीदवार विष्णु पद रे
- फोटो : ANI
विस्तार
देशभर में चुनावी सरगर्मियों के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप की ताजा कड़ी में भाजपा नेता बिष्णुपद राय ने आरोप लगाया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने उत्तरी अंडमान द्वीप समूह का हिस्सा रहे कोको द्वीप समूह को म्यांमार को उपहार के रूप में दे दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से ही भारत विरोधी रही है।
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भाजपा नेता बीपी राय के मुताबिक अंडमान का यह इलाका वर्तमान में चीन के सीधे नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि 70 वर्षों में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उन्हें द्वीपों की चिंता नहीं हुई... आज, केंद्र सरकार कैंपबेल खाड़ी में चीन का मुकाबला करने के लिए एक शिपयार्ड और दो रक्षा हवाई अड्डों का निर्माण कर रही है।
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उन्होंने कहा कि कोई भी कांग्रेस नेता कभी द्वीप समूह में नहीं आया , लेकिन पीएम मोदी यहां नियमित रूप से आते रहे हैं।
#WATCH | Port Blair: BJP Candidate from Andaman and Nicobar Islands, Bishnu Pada Ray says, "Congress has always been anti-India. Nehru gifted the Coco Islands which were part of the Northern Andaman Islands to Myanmar, which is currently under China's direct control... They did… pic.twitter.com/HGwQrvnfLa
— ANI (@ANI) April 14, 2024
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गौरतलब है कि इससे पहले कच्चातिवु द्वीप को लेकर विवाद सामने आ चुका है। तमिलनाडु में भाजपा और नरेंद्र मोदी के कच्चातिवु द्वीप को भारत में शामिल करने के बयान के बाद से कई नेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई। हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि भारत-श्रीलंका के रिश्तों के बारे में सोचे बिना ही भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा बना दिया है।
विवाद के बीच बीते पांच अप्रैल को श्रीलंका के मत्स्यपालन मंत्री डगलस देवानंद ने कहा है कि कच्चातिवु द्वीप को वापस लेने के भारत के बयानों का कोई आधार नहीं है। यह बयान तब सामने आया है, जब भारत में खुद पीएम मोदी और पूरी भाजपा कांग्रेस पार्टी और डीएमके पार्टी पर कच्चातिवु द्वीप को लेकर राष्ट्रीय हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाकर कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रही है।
163 एकड़ में फैला है यह निर्जन द्वीप
कच्चातीवु द्वीप भारत और श्रीलंका के बीच स्थित है। अंग्रेजों के समय यह मद्रास प्रेसिडेंसी का हिस्सा था। हालांकि आजादी के बाद से इसके स्वामित्व को लेकर भारत और श्रीलंका में विवाद रहा। 1974 में इंदिरा गांधी ने द्वीप का प्रशासन श्रीलंका को सौंप दिया। 163 एकड़ में फैला यह द्वीप निर्जन है लेकिन दोनों देशों के मछुआरे इसके पास मछली पकड़ने जाते हैं। कई बार श्रीलंका इसके पास भारतीय मछुआरों को पकड़ चुका है।