करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं पर पाकिस्तान न लगाए जजिया कर: भाजपा
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को एक बार फिर से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से गुजारिश की है कि वह करतारपुर साहिब आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं पर प्रस्तावित 20 डॉलर का सेवा शुल्क न लगाए।
इसके साथ ही भाजपा ने यह भी कहा है आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को अगर सिखों के धार्मिक स्थलों को विकसित करने में आर्थिक रूप से कोई दिक्कत आ रही है हमें बताएं। भाजपा ने कहा कि आप हमें बताएं कि आपने करतारपुर साहिब कॉरिडोर को तैयार करने में कितना निवेश किया है और इसके रख-रखाव में कितना व्यय होगा। हम एसजीपीसी को बताएंगे और सिख समुदाय एकमुश्त पैसे ट्रांसफर कर देगा।
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह ने कहा कि यह बड़ा ही दुखद है कि तीर्थयात्रा सेवा के नाम पर पाकिस्तान सरकार करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जाने वाले प्रति श्रद्धालु से 20 डॉलर का ‘जजिया’ वसूल रही है। इस हिसाब से पाकिस्तान सरकार को सालाना यह 255 करोड़ के करीब मिलेंगे।
मैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से गुजारिश करता हूं कि वह इसे न लगाए। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालु सभी समुदाय से हैं और कई ऐसे हैं जो 20 डॉलर देने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वह इमरान खान को पत्र लिखेंगे।
इंदिरा ने हाथ से छोड़ा मौका
इस मौके पर सिंह ने कांग्रेस के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने 1971 में करातपुर साहिब को भारत में शामिल करने का मौका अपने हाथ से छोड़ दिया। 90,000 पाकिस्तानी युद्धबंदियों के बदले वह करतापुर साहिब के साथ ही ननकाना साहिब को भी भारत के हिस्से में ला सकते थी।