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CPI: केरल में भाजपा की बढ़त से सीपीआई घबराई, बिनॉय विश्वम बोले- ये राजनीति के लिए खतरनाक
Wed, 06 May 2026 02:50 PM IST
Riya Dubey
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
Published by: Riya Dubey
Updated Wed, 06 May 2026 02:50 PM IST
सार
केरल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के तीन सीटें जीतने और छह सीटों पर दूसरे स्थान पर रहने पर CPI ने चिंता जताई है। पार्टी के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि भाजपा का बढ़ता प्रभाव धर्मनिरपेक्ष राजनीति के लिए खतरे का संकेत है।
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भाकपा नेता बिनॉय विश्वम
- फोटो : ANI
विस्तार
केरल विधानसभा चुनाव में भाजपा के तीन सीटें जीतने पर सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने बुधवार को चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की बढ़ती मौजूदगी को सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि यह केरल की राजनीति के लिए खतरे की घंटी है।
उन्होंने कहा कि वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को इस स्थिति का गहराई से अध्ययन करना होगा ताकि इससे प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही सीपीआई और एलडीएफ को भी अपनी हार के कारणों की गंभीर समीक्षा करनी होगी।
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CPI नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी हार के बावजूद CPI और LDF राज्य की राजनीति से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच काम करते हुए ही वाम दल आगे बढ़ेंगे।
बता दें कि 9 अप्रैल को हुए केरल विधानसभा चुनाव में UDF ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि LDF को 35 सीटें मिलीं। वहीं भाजपा ने पहली बार राज्य में तीन सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी मजबूत की।
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भाजपा का प्रभाव केवल केरल तक सीमित नहीं
मीडिया से बातचीत में बिनॉय विश्वम ने कहा कि भाजपा सिर्फ तीन सीटें जीतकर ही नहीं रुकी, बल्कि छह अन्य विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर भी रही। उनके मुताबिक यह संकेत है कि दक्षिणपंथी राजनीति का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और इसका असर केवल केरल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में दिखाई दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि वामपंथी और धर्मनिरपेक्ष ताकतों को इस स्थिति का गहराई से अध्ययन करना होगा ताकि इससे प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। साथ ही सीपीआई और एलडीएफ को भी अपनी हार के कारणों की गंभीर समीक्षा करनी होगी।
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इस चुनाव में एलजीएफ का वो यूडीएफ की ओर खिसका
विश्वम ने स्वीकार किया कि इस चुनाव में वाम एलडीएफ से बड़ी संख्या में वोट यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ओर खिसके, जिसका सही आकलन किसी भी सहयोगी दल ने नहीं किया था। उन्होंने कहा कि आखिर ऐसा क्यों हुआ, इसकी जांच जिला और राज्य स्तर पर बैठकों में की जाएगी। जहां जरूरत होगी, वहां संगठनात्मक और राजनीतिक बदलाव भी किए जाएंगे।कमियों का करेंगे अध्ययन
उन्होंने कहा कि हम गंभीरता से यह अध्ययन करेंगे कि हमारी कमियां क्या रहीं और हम कहां चूके। उसके बाद जरूरी सुधार और बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों के नतीजों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा।CPI नेता ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी हार के बावजूद CPI और LDF राज्य की राजनीति से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनता के बीच काम करते हुए ही वाम दल आगे बढ़ेंगे।
बता दें कि 9 अप्रैल को हुए केरल विधानसभा चुनाव में UDF ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 102 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि LDF को 35 सीटें मिलीं। वहीं भाजपा ने पहली बार राज्य में तीन सीटें जीतकर अपनी मौजूदगी मजबूत की।
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