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दलित राजनीति को लेकर भाजपा की रणनीति, पलटवार की तैयारी
ब्यूरो /अमर उजाला, दिल्ली
Updated Thu, 11 Aug 2016 04:32 AM IST
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दलित मुद्दे पर घिरी भाजपा अब पलटवार की रणनीति बना रही है। पीएम मोदी और संघ के जरिए दलित उत्पीडन की घटनाओं की निंदा के बाद भाजपा आलाकमान ने अपने दलित नेताओं का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें आक्रमक रूख अपनाने को कहा है।
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पार्टी आलाकमान का मानना है कि भाजपा की बन रही दलित विरोधी छवि का अगर आक्रामक तरीके से मुकाबला नहीं किया गया तो यूपी विधानसभा चुनाव में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भाजपा ने अपने दलित नेताओं से कहा है कि वे मोदी सरकार के जरिए दो साल में हुए दलित हितैषी कामकाज को लेकर अपने समाज के बीच जाएं। हालांकि पार्टी का ज्यादा जोर यूपी पर है।
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दलित विरोधी छवि से जुझ रहे भाजपा आलाकमान ने सरकार में शामिल दलित मंत्रियों, सांसदों और अनुसूचित जाति मोर्चा के नेताओं के संग बैठक कर निचले तबके में अभियान चलाने को कहा है। मंगलवार को गुजरात भवन में संपन्न हुई अहम बैठक में सरकार के दलित मंत्रियों और सांसदों के अलावा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय पदाधिकारी और मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शामिल थे।
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बैठक में संघ के सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल को भी उपस्थित होना था। मगर वे शामिल नहीं हुए। उनकी अनुपस्थिति में संगठन महामंत्री राम लाल, पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव और भगवत शरण माथुर ने बैठक की कमान संभाली।
सूत्रों के अनुसार भाजपा आलाकमान ने अपने दलित नेताओं को चेताया है कि वे किसी भी घटना में विपक्ष को लीड लेने का मौका न दें। पार्टी आलाकमान ने अपने नेताओं से कहा है कि जहां भी दलित उत्पीडन की घटनाएं सामने आएं वहां वे बढ़चढ़ कर पहुंचे। भाजपा यह महसूस कर रही है कि राजनीतिक षडयंत्र के तहत उसके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
जिन घटनाओं से दलित समाज का लेना-देना नहीं है। उन्हें भी दलितों से जोड़ दिया जा रहा है। गुजरात के मामले को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने जिस तरीके से सियासी बढ़त बनाई है। उससे भाजपा की रणनीति को झटका लगा है।
अब पार्टी के दलित नेता यूपी के मामलों को गिनाते हुए मायावती पर निशाना साधेंगे। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष दुष्यंत गौतम का कहना है कि उना की घटना को लेकर मायावती को गुजरात जाने की याद आ गई।
लेकिन बिहार या अन्य राज्यों की घटनाओं पर वे मौन हैं। यही नहीं बीते दिनों बाराबंकी में दलित महिला के साथ हुए अपमान के वक्त उन्हें उनकी सूध लेने की याद नहीं आई। गौतम का कहना है कि पार्टी मायावती के इस दोहरे चरित्र को जनता के सामने रखेगी।