कांग्रेस जैसी पांच साल पहले वाली भाषा बोलने लगे हैं भाजपा के नेता और मंत्री
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टू-जी, कॉमनवेल्थ, कोयला घोटाला जैसे आरोपों से घिरी यूपीए-2 की मनमोहन सरकार के बचाव में कांग्रेस के प्रवक्ता 2013 में जोरदार वकालत कर रहे थे, आज उसी तरह की भाषा भाजपा के नेता बोलने लगे हैं। भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या को लेकर भाजपा जहां अपने ही सांसद सुब्रामण्यम स्वामी के सवाल से लहूलुहान हो रही है, वहीं केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल और भाजपा के प्रवक्ता सांबित पात्रा पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगाने के सिवा कुछ नहीं है।
रायसीना हिल्स का मिजाज हर दिन बदल रहा है। भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या ने लंदन जाने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात का जिक्र क्या किया और चाय की प्याली में तूफान सा आ गया है। पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर वित्त मंत्री जेटली का इस्तीफा मांगा। केन्द्रीय वित्त मंत्री ने भी कुबूल किया कि विजय माल्या से उनकी मुलाकात संसद भवन में उनके कक्ष में जाते समय हुई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को पार्टी के प्रवक्ता सांबित पात्रा ने सीधे कांग्रेस अध्यक्ष पर राजनीतिक हमला बोल दिया।
इसी समय भाजपा के सांसद सुब्रामण्यम स्वामी का ट्वीट आया। ट्वीट में सुब्रामण्यम स्वामी ने विजय माल्या को जारी हुए लुक आऊट नोटिस में 24 अक्टूबर 2015 को दी गई ढील ( इसमें ब्लॉक करने की बजाय रिपोर्ट करने का जिक्र) का मुद्दा उठाया। सुब्रामण्यम स्वामी ने कहा कि इसके चलते माल्या अपने साथ ले जाने वाले सामान 24 अन्य सामानों को ले जा सके। सुब्रामण्यम का दूसरा सवाल यह था कि विजय माल्या जाने से पहले संसद भवन के सेंट्रल हॉल में वित्त मंत्री से मिलकर गए थे।
रेल मंत्री पीयुष गोयल : राहुल का जनता इस्तीफा कराएगी
रेलमंत्री पीयुष गोयल ने भाजपा मुख्यालय में प्रेसवार्ता की, लेकिन पीयुष गोयल ने सांसद सुब्रामण्यम स्वामी द्वारा उठाए मुद्दे पर कोई जवाब नहीं दिया। इस बारे में गोयल ने केवल इतना कहा कि सरकार ने कालेधन, बैंक डिफाल्टर्स के खिलाफ अब तक सबसे सख्त कदम उठाया है। इसी के डर से लोग देश छोडक़र भागे हैं। रहा सवाल जांच एजेंसियों का तो गोयल ने कहा कि केन्द्र सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करती।
गोयल ने कहा कि सोनिया गांधी परिवार मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार का मुख्य कर्ता-धर्ता था और गांधी परिवार के ईशारे पर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विजय माल्या की कंपनी को बेल आऊट पैकेज देने का जिक्र किया था। तत्कालीन विमानन मंत्री वॉयलार रवि ने भी बेल आऊट पैकेज देने की बात की और पीयुष गोयल ने इसकी एक संक्षिप्त वीडियो क्लिप दिखाई।
पीयुष गोयल ने विजय माल्या के लंदन जाने के ढाई साल बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली से उनकी मुलाकात का अब जिक्र किए जाने का मुद्दा उठाया। पीयुष गोयल ने राहुल गांधी और गांधी परिवार की कंपनी का विजय माल्या सांठ-गांठ होने का आरोप लगाया और कहा कि गांधी परिवार हेराल्ड केस में बेशकीमती जमीन को अपने नाम कर लिया। उन्हें भ्रष्टाचार पर बोलने का हक नहीं। पीयुष गोयल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राहुल गांधी के ऐसे कारनामों के लिए जनता उनका कांग्रेस अध्यक्ष, संसद की सदस्यता समेत अन्य पदों से इस्तीफा कराएगी।
रविशंकर प्रसाद : राहुल के लंदन जाने के बाद उठा मामला
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि क्या किसी ने यह बात नोटिस की कि राहुल गांधी की लंदन यात्रा के बाद विजय माल्या से यह बात (वित्त मंत्री जेटली से मुलाकात) कही जा रही है? क्या कोई संबंध है? आप को(मीडिया) इसमें देखना चाहिए?
संबित पात्रा
भाजपा के प्रवक्ता सांबित पात्रा ने बृहस्पतिवार को सीधे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और गांधी परिवार को लपेटे में ले लिया। सांबित पात्रा ने विजय माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस और उनकी कंपनी को गांधी परिवार की कंपनी बता डाला। पात्रा ने आरोप लगाए कि गांधी परिवार के विदेश दौरे पर जाने के दौरान स्वत: टिकट बिजनेस क्लास में अपग्रेट हो जाता था। माल्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने विजय माल्या और उनकी कंपनी के लिए नियम-कानून को दरकिनार कर दिया था। उन्होंने राहुल गांधी पर कोलकाता की डोटेक्स कंपनी से एककरोड़ रुपये का लोन लेने का आरोप लगाया और कहा कि इस कंपनी के प्रमोटर कोलकाता के आयकर विभाग को जानकारी दी थी उसकी दो सौ से अधिक शेल कंपनियां हैं।
सांबित पात्रा ने सवाल पूछा कि राहुल गांधी ने हवाला के जरिए कितना काला धन सफेद किया?
गांधी परिवार का कितना पैसा डोटेक्स जैसे शेल कंपनियों में लगा है?
किंगफिशर विजय माल्या की कंपनी थी या गांधी परिवार की?
वित्तमंत्री अरुण जेटली
2014 के बाद कभी विजय माल्या को मिलने के लिए समय नहीं दिया। माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर विशेषाधिकार का दुरुपयोग करते हुए संसद के गलियारे में पास (वित्त मंत्री) तक आ गए थे। उन्होंने चलते-चलते एक दो मिनट अपनी बात कही। उन्होंने (विजय माल्या) कहा कि वह लंदन जा रहे हैं। कोई बैंक सेटलमेंट का जिक्र किया लेकिन हमने (वित्त मंत्री) उन पर कोई ध्यान नहीं दिया। एक तरह से उन्हें झटक दिया और कहा कि वह जाकर इस बारे में बैंकर से बात करें। वित्त मंत्री ने कहा कि हमने उनसे कोई कागज नहीं लिया और न ही कोई ऐसी बात थी।
कांग्रेस अध्यक्ष ने बढ़ाया दबाव
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी खुद शाम होते-होते प्रेस वार्ता में आए। राहुल गांधी अपने साथ पार्टी के नेता और सांसद पीएल पूनिया को गवाह के तौर पर लाए। पीएल पूनिया ने गवाही देते हुए कहा कि एक मार्च 2016 को उनके सामने विजय माल्या और वित्त मंत्री अरुण जेटली की 15-20 मिनट तक बैठक हुई थी। पहले संसद भवन के सेंट्रल हाल में कोने में खड़े होकर वित्त मंत्री ने माल्या से बात की और फिर बैठकर चर्चा की।
रणदीप सुरजेवाला के आरोप
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सुरजेवाला ने विजय माल्या और जेटली की मुलाकात सामने आने के बाद कहा कि अब साफ हो गया है। चौकीदार (प्रधानमंत्री) सिर्फ भागीदार नहीं, गुनहगार है। सुरजेवाला ने इसे जब वी मेट-पार्ट 2 की नई मूवी की संज्ञा दी। सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि विजय माल्या और वित्त मंत्री की मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देख-रेख में हुई थी। इसलिए सीबीआई, पुलिस, विदेश मंत्रालय और वित्त मंत्रालय ने कुछ नहीं किया। सुरजेवाला ने जुमला भी कसा-जब मोदी है कोतवाल तो डर काहे का।
कांग्रेस अध्यक्ष की मांग
लंदन में विजय माल्या की तरफ से लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए प्रधानमंत्री तत्काल स्वतंत्र जांच का आदेश दे देना चाहिए। जब तक यह जांच चलती है, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपने पद से हट जाना चाहिए।
पांच साल पहले वाली भाषा
तब यूपीए की सरकार सत्ता में थी। भाजपा विपक्ष में। भाजपा टू-जी, कोयला, कॉमनवेल्थ समेत तमाम भ्रष्टाचार के आरोपों पर यूपीए सरकार को घेरती थी। जवाब में कांग्रेस के नेता भाजपा को उसकी नैतिकता याद दिलाते थे। कांग्रेस के प्रवक्ता अपने ऊपर लगने वाले आरोपों के बरअक्स भाजपा नेताओं और उनके आरोपों को कठघरे में खड़ा कर रहे थे। मसलन कपिल सिब्बल की टूजी में जीरो लॉस थ्योरी। जबकि सीबीआई जैसी जांच एजेंसी सरकार के नेताओं, मंत्रियों पर शिकंजा कस रही थी।