Narayan Rane: नारायण राणे को अदालत ने जमानत पर किया रिहा, पाटिल बोले- राज्य सरकार के मुंह पर तमाचा
Narayan Rane Arrested: केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता नारायण राणे को महाराष्ट्र पुलिस ने थप्पड़ वाले बयान के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब उन्हें जमानत मिल गई है।
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विस्तार
महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को थप्पड़ वाले बयान के मामले में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को जमानत मिल गई है। राणे पर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था।नारायण राणे को पहले चिपलून से हिरासत में लिया गया था, उसके बाद कागजी कार्यवाही पूरी कर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद रात को उन्हें रायगढ़ के महाड अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें जमानत दे दी गई।
Union Minister Narayan Rane who was detained earlier in the day has now been arrested and is being produced before Magistrate Court in Mahad, Raigad; in connection with his statement against Maharashtra CM Uddhav Thackeray pic.twitter.com/jnzgG52HA6
— ANI (@ANI) August 24, 2021विज्ञापन
राणे के वकील संग्राम देसाई ने कहा कि उन्हें जमानत देते हुए अदालत ने कुछ शर्तें लगाई हैं। राणे को 31 अगस्त और 13 सितंबर को पुलिस स्टेशन में हाजिर होना होगा और भविष्य में इस तरह के कृत्यों से दूर रहना होगा।
महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि नारायण राणे को मिली जमानत राज्य सरकार के चेहरे पर एक और तमाचा है जो पुलिस और गुंड़ों के समर्थन से चल रही है। वहीं, भाजपा नेता प्रवीण दारेकर ने कहा कि नारायण राणे को जमानत मिल गई है और वह 27 अगस्त से दोबारा जन आशीर्वाद यात्रा निकालेंगे।
क्या था मामला
दरअसल, राणे ने हाल ही में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लेकर एक बयान दिया था। इस बयान में उन्होंने ठाकरे की आलोचना करने के साथ ही कथित तौर पर उन्हें थप्पड़ मारने की बात कही थी। इस बयान के बाद उन पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
राणे को मंगलवार दोपहर हिरासत में लेने के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद रात में उन्हें रायगढ़ जिले की महाड कोर्ट में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय मंत्री राणे के खिलाफ ठाणे के नौपाड़ा में भी एक और मामला दर्ज किया गया। ठाणे पुलिस के मुताबिक धारा 500, 505 (2), 153-बी (1) (सी) के तहत यह मामला दर्ज किया गया था।
नड्डा ने ट्वीट कर जताई नाराजगी
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे की गिरफ्तारी पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर अपनी नाराजगी जताई। नड्डा ने अपने ट्वीट में लिखा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा केंद्रीय मंत्री नारायण राणे जी की गिरफ्तारी संवैधानिक मूल्यों का हनन है। इस तरह की कार्यवाही से ना तो हम डरेंगे, ना दबेंगे। भाजपा को जन-आशीर्वाद यात्रा में मिल रहे अपार समर्थन से ये लोग परेशान हैं। हम लोकतांत्रिक ढंग से लड़ते रहेंगे, यात्रा जारी रहेंगी।
मुंबई में विरोध प्रदर्शन
इधर दूसरी ओर, मुंबई में राणे के बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने इस दौरान कहा कि संसद के मंत्री जो खुद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, ने अपने ही मुख्यमंत्री (महाराष्ट्र सीएम) के संवैधानिक पद का अपमान किया है, इसके खिलाफ हम प्रदर्शन कर रहे हैं।
वहीं गिरफ्तारी की सूचना मिलने के फौरन बाद केंद्रीय मंत्री राणे ने रत्नागिरी कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। नारायण राणे के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज थी।
Maharashtra: Police detained Union Minister and BJP leader Narayan Rane in Ratnagiri
— ANI (@ANI) August 24, 2021
Rane had made remarks against CM Uddhav Thackeray yesterday pic.twitter.com/C3xP843iwV
शिवसेना सांसद ने मांगा राणे का इस्तीफा
शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने भाजपा नेता नारायण राणे के इस्तीफे की मांग की है। राउत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राणे में क्या अब भी कुछ शर्म बाकी है, यदि है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। राउत ने कहा कि राणे को संविधान के प्रति थोड़ा सम्मान दिखाना चाहिए। उन्होंने जो कहा कि राणे का बयान निंदनीय था।
रत्नागिरी कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट पहुंचे राणे
हिरासत में लिए जाने से पहले नारायण राणे ने अपनी टिप्पणी को लेकर दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती देते हुए मंगलवार को बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से संरक्षण का अनुरोध किया। अधिवक्ता अनिकेत निकम के माध्यम से दाखिल राणे की याचिका में प्राथमिकी रद्द करने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया। भाजपा नेता राणे ने गिरफ्तारी या किसी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करने के लिए अंतरिम आदेश का भी अनुरोध किया।
न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जमादार की पीठ के समक्ष दाखिल याचिका में मंगलवार को ही तत्काल सुनवाई की मांग की गई। हालांकि, पीठ ने इस पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया और कहा कि (याचिका का) उल्लेख करने की अनुमति नहीं है। पीठ ने कहा कि वकील को प्रक्रिया का पालन करना होगा। अदालत ने कहा, ‘रजिस्ट्री विभाग के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए एक अर्जी दाखिल करें और फिर हम विचार करेंगे।’ याचिका में राणे के खिलाफ पुणे, नासिक और रायगढ़ के महाड में दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती दी गई है।
शिवसेना व भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दायर
मुंबई पुलिस ने जुहू में केंद्रीय मंत्री राणे के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पर शिवसेना व भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दो अलग अलग एफआईआर दायर की है। ये एफआईआर भादंवि और महामारी नियंत्रण कानून के तहत अलग-अलग धाराओं में दायर की गई हैं। मुंबई के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने में धारा 188, 270, 34, 135 बीपी एक्ट के तहत छह लोगों के खिलाफ नामजद और 80-90 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
क्या कहा था राणे ने?
राणे से सोमवार को महाड में पत्रकारों ने सवाल पूछा था कि स्वतंत्रता दिवस के दिन दिए भाषण में सीएम अमृत महोत्सव या हीरक महोत्सव को लेकर शंका मे दिखे। इस पर उन्होंने कहा था कि ठाकरे को नहीं पता कि देश को आजादी मिले हुए कितने साल हो चुके हैं। अरे हीरक महोत्सव क्या? मैं होता तो कान के नीचे लगाता। स्वतंत्रता दिवस के बारे में आपको मालूम नहीं होना चाहिए? कितनी गुस्सा दिलाने वाली बात है यह। सरकार कौन चला रहा है, यह समझ ही नहीं आ रहा है।