राज्यसभा चुनाव: कर्नाटक से देवेगौड़ा और खड़गे, अरुणाचल से रेबिया निर्वाचित
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विभिन्न राज्यों से राज्यसभा उम्मीदवारों के चुने जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और भाजपा नेता अशोक गस्ती व इरन्ना कडाडी कर्नाटक से निर्विरोध चुने गए हैं।
राज्यसभा चुनाव के लिए निर्वाचन अधिकारी, कर्नाटक विधासभा सचिव एम के विशालक्षी ने जद (एस) और कांग्रेस से क्रमश: देवेगौड़ा और खड़गे और भाजपा से इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती को सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित कर दिया क्योंकि कोई अतिरिक्त उम्मीदवार चुनाव मैदान में नहीं था।
अधिकारियों ने कहा कि वैध रूप से नामांकित चारों उम्मीदवारों में से किसी के नामांकन वापस न लेने के साथ ही उन्हें सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित कर दिया गया। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख आज थी।
खड़गे (77) राज्यसभा के लिए पहली बार निर्वाचित हुए हैं। इससे पहले वह अपने चार दशक से अधिक समय के राजनीतिक करियर में लोगों द्वारा सीधे चुने जाते रहे हैं। देवेगौड़ा (87) दूसरी बार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। पहली बार वह 1996 में निर्वाचित हुए थे जब वह प्रधानमंत्री थे।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में खड़गे और देवेगौड़ा दोनों ही गुलबर्गा तथा तुमकुर निर्वाचन क्षेत्रों से हार गए थे। भाजपा के इरन्ना कडाडी और अशोक गस्ती कम जाने-पहचाने चेहरे हैं और यह उनके राजनीतिक करियर की पहली बड़ी छलांग है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के नेता नबाम रेबिया शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश से राज्यसभा सांसद के रूप में निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने नबाम रेबिया को अरुणाचल प्रदेश से आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव 2020 के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में घोषित किया था। वह अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के बड़े नेता माने जाते हैं।
BJP's Nabam Rebia elected unopposed today as Rajya Sabha MP from Arunachal Pradesh. (file pic) pic.twitter.com/XLVb0atfbI
— ANI (@ANI) June 12, 2020
रेबिया इससे पहले 1996 से 2002 और 2002 से 2008 तक लगातार दो कार्यकाल में कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वह विधानसभा अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। सितंबर 2016 में सत्तारूढ़ कांग्रेस से बगावत करने वाले 43 विधायकों में वह भी थे और ये सभी पेमा खांडू के नेतृत्व वाले पीपीए में शामिल हो गए थे।
दिसंबर 2013 में पीपीए के 33 विधायकों के साथ रेबिया भाजपा में शामिल हो गए थे। 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 41 विधायक हैं जबकि जदयू के सात, कांग्रेस के चार, एनपीपी के चार, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल के एक और तीन निर्दलीय विधायक हैं।