नियति ने मुझे सोमनाथ से अयोध्या तक रथ यात्रा की पवित्र जिम्मेदारी दी: आडवाणी
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वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने कहा है कि राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान साल 1990 में नियति ने उन्हें सोमनाथ से अयोध्या तक राम रथ यात्रा के रूप में एक पवित्र जिम्मेदारी निभाने का मौका दिया था। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने इसमें शामिल हुए अनगिनत प्रतिभागियों की आकांक्षाओं, जुनून और ऊर्जा को शांत करने में मदद की थी।
I feel humbled that during Ram Janmabhoomi movement, destiny made me perform a pivotal duty in the form of Ram Rath Yatra from Somnath to Ayodhya in 1990 which helped galvanise aspirations, energies & passions of its countless participants: Veteran BJP leader LK Advani (file pic) pic.twitter.com/7fcfNpmbKZ
— ANI (@ANI) August 4, 2020विज्ञापन
आडवाणी ने कहा, कई बार महत्वपूर्ण स्वप्न साकार होने में समय लेते हैं, लेकिन जब वे साकार होते हैं तो इंतजार सार्थक हो जाता है। ऐसा ही एक स्वप्न जो मेरे हृदय के समीप है, साकार होने जा रहा है। प्रधानमंत्री राम मंदिर की स्थापना करने जा रहे हैं। यह न केवल मेरे लिए बल्कि सभी भीरतीयों के लिए एतिहासिक और भावुक दिन है।
उन्होंने कहा, श्रीराम का भारत की सांस्कृतिक और सभ्यता की विरासत में अहम स्थान है और वह अनुग्रह, गरिमा और अलंकरण के प्रतीक हैं। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, मेरा विश्वास है कि अयोध्या में बनने वाला यह राम मंदिर सभी भारतीयों को भगवान श्रीराम के गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित करेगा।
आडवाणी ने कहा, यह भी मेरा विश्वास है कि राम मंदिर भारत का एक मजबूत, समृद्ध, शांतिपूर्ण और सामंजस्यपूर्ण राष्ट्र के रूप में प्रतिनिधित्व करेगा जहां सभी को न्याय मिल सकेगा और किसी को भी समाज और व्यवस्था से बाहर नहीं किया जाएगा, ताकि हम वास्तव में राम राज्य में सुशासन के प्रतीक बन सकें।