West Bengal: कोरोना नियमों के उल्लंघन के आरोप में दिलीप घोष को चुनाव प्रचार से रोका गया, बोले- केवल भाजपा पर लागू किए जा रहे नियम
कोरोना नियमों के उल्लंघन के आरोप में चुनाव प्रचार करने से रोके गए वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया है कि ये नियम केवल भाजपा के सदस्यों पर ही लागू किए जा रहे हैं।
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष को शनिवार को पुलिस ने कोरोना वायरस संबंधी आचार संहिता का कथित तौर पर उल्लंघन करने के आरोप में चुनाव प्रचार करने से रोक दिया। घोष नगरपालिका चुनाव के लिए विधाननगर में एक वार्ड में अपनी पार्टी के लिए प्रचार करने गए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घोष विधाननगर के वार्ड संख्या 20 में जगतपुर बाजार इलाके में 50 से अधिक लोगों के साथ प्रचार कर रहे थे। यह राज्य निर्वाचन आयोह के निर्देशों का उल्लंघन है जिसके तहत चुनाव प्रचार करने के दौरान एक समय में प्रचारकों की संख्या अधिकतम पांच तय की गई है।
अधिकारी ने कहा कि जब घोष को उल्लंघन के बारे में बताया गया तो वह बहस करने लगे। उधर, भाजपा नेता ने दावा किया है कि पुलिस केवल हमारी पार्टी के सदस्यों पर ही निर्वाचन आयोग के नियम लागू कर रही है। उन्होंने कहा, मेरे साथ केवल चार लोग थे और बाकी स्थानीय थे और मुझसे मिलने आए थे।
प्रचार नहीं कर सकते तो फिर चुनाव का क्या अर्थ: घोष
दिलीप घोष ने कहा, 'अगर हम प्रचार नहीं कर सकते हैं तो फिर इस चुनाव का क्या मतलब है? मेरे साथ केवल चार लोग थे। बाकी लोग स्थानीय थे जो मुझसे मिलने के लिए वहां पर एकत्र हुए थे।' बता दें कि विधाननगर नगरपालिका के साथ तीन अन्य नागरिक निकायों के लिए चुनाव का आयोजन 12 फरवरी को होना है।
पहले भी कोरोना नियमों को तोड़ते रहे हैं घोष: टीएमसी
उधर, इस मामले को लेकर तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा कि दिलीप घोष ने इससे पहले आसनसोल में प्रचार करते वक्त भी कोरोना नियमों का उल्लंघन किया था। सबको पता है कि पिछले साल त्रिपुरा में अगरतला नगरपालिका चुनाव के दौरान तृणमूल कांग्रेस को किस तरह प्रचार से रोका गया था।