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उत्तर प्रदेश के 243 निकायों में अध्यक्ष पद पर जमानत नहीं बचा सकी भाजपा

Tue, 05 Dec 2017 05:16 PM IST
टीम डिजिटल अमर उजाला
टीम डिजिटल अमर उजाला Updated Tue, 05 Dec 2017 05:16 PM IST
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bjp is failed to save its bail on 243 bodies in uttar pradeshs civic polls
- फोटो : FILE PHOTO

उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव में भाजपा भले ही यूपी से लेकर गुजरात तक जीत का जश्न मना रही है। लेकिन प्रदेश के 652 नगर निकायों में हुए निकाय चुनाव में 243 नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत के अध्यक्ष पदों पर भाजपा के प्रत्याशी जमानत भी नहीं बचा सके। नगर निगम में पार्षद, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सदस्य के पदों पर भी भाजपा के 46 फीसदी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। 

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राज्य निर्वाचन आयोग के अपर आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने सोमवार को निकाय चुनाव में जमानत जब्त के आंकड़ों का खुलासा करते हुए सूची में भाजपा को टॉप पर रखा है। 652 निकायों में महापौर और अध्यक्ष पद के लिए 7442 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। इनमें से 6101 (81.98 प्रतिशत) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। इसी प्रकार पार्षद और सदस्यों के 11995 पदों पर 71671 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। 47342 (66.05 फीसदी) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है।
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निकायों में महापौर और अध्यक्ष पदों पर भाजपा के 624 में से 184 प्रत्याशी विजयी हुए हैं। जबकि 243 (38.94 प्रतिशत) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। निकायों में सदस्यों के पदों पर 7414 प्रत्याशियों में से 2182 प्रत्याशी विजय हुए हैं और 3413 प्रत्याशी (46.03 प्रतिशत) जमानत भी नहीं बचा सके।

हाथी की सुस्त चाल
बसपा ने प्रदेश में महापौर और अध्यक्ष के 559 प्रत्याशी को लड़ाया था। इनमें से अलीगढ़ एवं मेरठ के महापौर सहित केवल 76 निकाय अध्यक्ष के पदों पर बसपा प्रत्याशी चुनाव जीते और 410 (73.35 फीसदी) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। निकायों में सदस्यों के पद पर बसपा ने 3827 प्रत्याशियों को सिंबल पर चुनाव लड़ाया। इनमें से मात्र 627 चुनाव जीत सके और 2500 प्रत्याशियों (65.33 फीसदी) की जमानत जब्त हुई।

बसपा से तेज, लेकिन भाजपा से धीमी चली साइकिल

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बसपा - फोटो : amar ujala

सपा ने निकाय चुनाव में महापौर एवं अध्यक्ष के पदों 586 निकायों में प्रत्याशियों को चुनाव लड़ाया। इनमें से 128 निकायों में अध्यक्ष पद पर सपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। महापौर, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और नगर पंचायत अध्यक्ष के कुल 300 सपा (51.19 प्रतिशत) प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई है। नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों सदस्यों के पदों पर सपा के 4867 प्रत्याशियों  में से 1132 ने चुनाव जीता और 2622 (53.87 प्रतिशत) प्रत्याशियों ने जमानत जब्त कराई।

पकड़ नहीं बना सका कांग्रेस का पंजा
कांग्रेस के महापौर और निकाय अध्यक्ष के 445 पदों प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे। इनमें से मात्र 26 नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस प्रत्याशी जीते और 387 (86.97 फीसदी) कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। कांग्रेस ने पार्षद और सदस्यों के 3244 पदों पर ही चुनाव लड़ा। इनमें से मात्र 394 पार्षद और सदस्य ही निर्वाचित हुए और 2383 (73.46 फीसदी) कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई।

आप पर फिरी झाडू
प्रदेश के मतदाताओं ने निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों पर झाडू चला दी। महापौर और निकाय अध्यक्षों के 233 आप प्रत्याशियों में से मात्र 2 ने चुनाव जीता जबकि 230 (98.71 प्रतिशत) जमानत भी नहीं बचा सके। पार्षद और सदस्यों के 1300 पदों पर आप के प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा, इनमें से 39 ने चुनाव जीता लेकिन 1182 (90.92 प्रतिशत) की जमानत जब्त हुई।

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