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छगन भुजबल का आरोप: BJP सरकार ने बेरोजगारी और महंगाई से किया किनारा, लव जिहाद को मुद्दा बनाने की कोशिश
Mon, 28 Nov 2022 05:45 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 28 Nov 2022 05:45 PM IST
सार
पूर्व मंत्री छगन भुजबल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आत्महत्या सबसे जरूरी मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर पर्दा डालने और चुनाव में फायदे के लिए भाजपा सरकार लव जिहाद की घटनाओं को सामने ला रही है।
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छगन भुजगल (फाइल फोटो)
- फोटो : ट्विटर/ छगन भुजगल
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विस्तार
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता छगन भुजबल ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आत्महत्या जैसे मुद्दों को दरकिनार कर दिया है। वह इसके बजाय 'लव जिहाद' की घटनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यह बातें उन्होंने समता परिषद द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहीं।
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भुजबल ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की आत्महत्या सबसे जरूरी मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर पर्दा डालने और चुनाव में फायदे के लिए भाजपा सरकार लव जिहाद की घटनाओं को सामने ला रही है।
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राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लेकर राकांपा नेता ने कहा, हमने कई मौकों पर राज्यपाल को कहते सुना है कि 'मैं जाना चाहता हूं', लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें रुकने के लिए कहा है। भुजगल ने आगे सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (एसपीपीयू) द्वारा गणेश अथर्वशीर्ष पर एक निःशुल्क पाठ्यक्रम शुरू करने के कदम पर सवाल उठाया।
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उन्होंने आगे कहा, जिस समिति ने इस पाठ्यक्रम को शुरू करने का फैसला किया है, वह मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा, कार्यवाहक कुलपति के पास अधिकार नहीं होता है और उनके पास कोई भी अनुमति नहीं होती है। ऐसे विषय अन्य धर्मों में मौजूद हैं। क्या हमें उन्हें बी शुरू करना चाहिए? यदि इस तरह के पाठ्यक्रम शुरू किए जाते हैं, तो क्या हमें विज्ञान, इंजीनियरिंग, फार्मेसी में पाठ्यक्रमों को बंद कर देना चाहिए?
सावित्रिबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय ने हाल ही में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपीठ ट्रस्ट और एक निजी संस्थान के साथ मिलकर 'गणेश अथर्वशीर्ष' पर एक निशुल्क पाठ्यक्रम शुरू किया है।