तीसरी सूची में भाजपा ने ब्राह्मणों और पिछड़ों को दिल खोलकर बांटे टिकट
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यूपी चुनावों की तैयारियों में जुटी भाजपा ने मंगलवार को प्रत्याशियों की एक और सूची जारी कर दी। भाजपा की इस तीसरी सूची में 67 लोगों के नाम हैं। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की सीटों के लिए जारी की गई इस लिस्ट में पार्टी ने जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा है। भाजपा प्रत्याशियों की सूची पर एक निगाह डालने से साफ हो जाता है कि पार्टी ने इस बार ब्राह्मण और पिछड़ी जातियों पर बड़ा दांव लगाया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों की अच्छी खासी आबादी है ऐसे में भाजपा की निगाहें भी इस बड़े वोटबैंक पर टिकी हैं। आमतौर पर ब्राह्मणों को भाजपा का ही वोटर समझा जाता है लेकिन पिछले कुछ समय से बसपा ने ब्राह्मणों के वोटबैंक में जबरदस्त सेंधमारी की है।
2007 के विधानसभा चुनावों में तो ब्राह्मणों ने बसपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में खास योगदान दिया था। ऐसे में इस बार भाजपा की निगाहें भी खुद से छिटके हुए इस वोटबैंक पर टिकी है।
20-20 फीसदी टिकट ब्राह्मणों और पिछड़ों को
मंगलवार को भाजपा महासचिव जेपी नड्डा की ओर से प्रत्याशियों की जो सूची जारी की गई उसमें 20 फीसदी से ज्यादा टिकट ब्राह्मणों को दिए गए हैं। साफ है कि पार्टी किसी भी हाल में अपने इस बड़े वोट बैंक को दोबारा जोड़ना चाहती है।
ब्राह्मणों के अलावा भाजपा की निगाहें पिछड़ों पर भी टिकी हैं। राज्य के दूसरे बड़े वोट बैंक को भाजपा की तीसरी सूची में काफी जगह मिली है। पार्टी ने 67 में से 10 से ज्यादा टिकट पिछड़ों को ही दिए हैं। ऐसे में साफ है कि यूपी फतह के लिए भाजपा का फोकस ब्राह्मणों के साथ साथ पिछड़ों पर भी है।
भाजपा के रणनीतिकार भी इस बात को अच्छी तरह समझते हैं कि अगर पिछड़ों और ब्राह्मणों ने खुलकर भाजपा के पक्ष में मतदान कर दिया तो पार्टी को सत्ता में आने से शायद ही कोई रोक सके।