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सिटिजनशिप बिल के विरोध के बीच तिनसुकिया में भाजपा जिला अध्यक्ष पर हुआ हमला
Thu, 31 Jan 2019 02:24 PM IST
sapna singla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आइजोल
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Published by: sapna singla
Updated Thu, 31 Jan 2019 02:24 PM IST
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लखेश्वर मोरां
- फोटो : ANI
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असम के तिनसुकिया में भाजपा जिला अध्यक्ष लखेश्वर मोरां पर सिटिजनशिप बिल को लेकर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। तिनसुकिया में आरएसएस ने प्रदर्शन की जगह पर एक बैठक का आयोजन किया था। ऑल असम स्टूडेंट यूनियन, असोम जातियाताब्दी युवा छात्र परिषद् और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच झड़प हो गई। सिटिजनशिप बिल लोकसभा से पास हो गया है मगर राज्यसभा में अभी इसकी परीक्षा बाकी है।
यह कर रहे हैं विरोध
विरोध करने वालों में मेघालय सरकार में भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपल्स फ्रंट, नागालैंड सरकार में सहयोगी नेशनल डेमोक्रेटिक पीपल्स फ्रंट, त्रिपुरा में भाजपा की सहयोगी स्वदेशी पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी), मिजोरम की सत्ताधारी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट शामिल है। राज्यसभा में पहले से ही संख्याबल के मामले में पिछड़ी भाजपा को सिटीजनशिप बिल के मुद्दे पर बिहार सरकार में सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का भी साथ नहीं मिल रहा है। जदयू ने इस बिल के विरोध में वोट करने की बात कही है।
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क्या है बिल को लेकर आपत्ति?
सिटिजनशिप बिल 1955 में संशोधन के बाद नया बिल पकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, पारसी, सिख, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को धार्मिक आधार पर भारत की नागरिकता देता है। असम के लोग इस नए बिल को अपने लिए खतरा मानते है और उनके मुताबिक यह असम संधि के खिलाफ है, जिसके मुताबिक 24 मार्च 1971 के बाद प्रदेश में आने वाला विदेशी नागरिक माना जाएगा।
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#WATCH Tinsukia, Assam: BJP Dist Pres Lakheswar Moran attacked in a clash b/w RSS and All Assam Students’ Union&Asom Jatiyatabadi Yuba Chatra Parishad. RSS had organised a meeting in Tinsukia near the venue where a protest against Citizenship (Amendment) Bill was underway.(30.01) pic.twitter.com/8iEXAV1Pao
— ANI (@ANI) January 31, 2019विज्ञापन
यह कर रहे हैं विरोध
विरोध करने वालों में मेघालय सरकार में भाजपा की सहयोगी नेशनल पीपल्स फ्रंट, नागालैंड सरकार में सहयोगी नेशनल डेमोक्रेटिक पीपल्स फ्रंट, त्रिपुरा में भाजपा की सहयोगी स्वदेशी पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी), मिजोरम की सत्ताधारी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट शामिल है। राज्यसभा में पहले से ही संख्याबल के मामले में पिछड़ी भाजपा को सिटीजनशिप बिल के मुद्दे पर बिहार सरकार में सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) का भी साथ नहीं मिल रहा है। जदयू ने इस बिल के विरोध में वोट करने की बात कही है।
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क्या है बिल को लेकर आपत्ति?
सिटिजनशिप बिल 1955 में संशोधन के बाद नया बिल पकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, पारसी, सिख, जैन, बौद्ध और ईसाई धर्म के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को धार्मिक आधार पर भारत की नागरिकता देता है। असम के लोग इस नए बिल को अपने लिए खतरा मानते है और उनके मुताबिक यह असम संधि के खिलाफ है, जिसके मुताबिक 24 मार्च 1971 के बाद प्रदेश में आने वाला विदेशी नागरिक माना जाएगा।