'एक पंचायत चुनाव में 40 मौतें कैसे?': बंगाल हिंसा की जांच के लिए पहुंची BJP की टीम, विपक्ष को ऐसे घेरा
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि जेपी नड्डा ने एक सांसदों की टीम तैयार की है। ये टीम बंगाल में ग्राम पंचायत चुनाव के मद्देनजर बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्या, बम विस्फोट से प्रभावित सभी क्षेत्रों का दौरा करेगी। इस दौरान कई सवालों के जवाब ढूंढे जाएंगे।
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में शनिवार को पंचायत चुनाव हुए। इस दौरान पूरे सूबे में जमकर हिंसा हुई। खूब तोड़फोड़, पथराव और आगजनी हुई। राजनीतिक लड़ाई के चलते कई लोगों की हत्या कर दी गईं। इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सांसदों की एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो हिंसा के पीछे का सच सामने लाने बुधवार को बंगाल पहुंच गई। लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बुधवार सुबह भाजपा के नेताओं के साथ कोलकाता पहुंचे।
अध्यक्ष को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
रविशंकर प्रसाद ने बताया कि जेपी नड्डा ने एक टीम तैयार की है। इसका संयोजक (convener) उन्हें बनाया गया है। सांसदों की टीम बंगाल में ग्राम पंचायत चुनाव के मद्देनजर बड़े पैमाने पर हिंसा, हत्या, बम विस्फोट से प्रभावित सभी क्षेत्रों का दौरा करेगी। इस दौरान कई सवालों के जवाब ढूंढे जाएंगे। बाद में, इसकी रिपोर्ट भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी जाएगी।
#WATCH | BJP's fact-finding team headed by party leader Ravi Shankar Prasad reached Kolkata, West Bengal
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We will visit the violence-affected areas and meet the victims and after that, we will submit our report to party president JP Nadda, says Ravi Shankar Prasad pic.twitter.com/rDhTzCiZuJ — ANI (@ANI) July 12, 2023
रविशंकर प्रसाद ने हिंसा की निंदा करते हुए ममता बनर्जी की राजनीति को वाम दलों की राजनीति से भद्दा बताया है। ममता सरकार से सवाल किया कि उनकी राजनीति में इतना अत्याचार क्यों है? उन्होंने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और यह भी कहा कि राज्य के किसी भी चुनावों में कोर्ट ने अबतक हस्तक्षेप नहीं किया है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से पूछा- बंगाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मरने के बावजूद वह चुप क्यों है? पंचायत चुनाव के दौरान अबतक राज्य में 48 लोगों की मौत हो चुकी है, जो कि शर्मनाक लोकतंत्र का एक घृणात्मक संकेत है।
इन सवालों से उठेगा पर्दा
भाजपा सांसद ने कहा कि हम प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और उन लोगों से मुलाकात की जाएगी, जो पीड़ित होंगे। साथ ही 40 से अधिक लोगों की जान क्यों गई इसका जवाब भी ढूंढा जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पता लगाएंगे कि नरेंद्र मोदी के खिलाफ गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे तथाकथित सहयोगी स्पष्ट चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि ममता सरकार हमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की अनुमति देंगी।
पहले चुनाव के बारे में जान लीजिए
शनिवार आठ जुलाई को पश्चिम बंगाल की 73,887 ग्राम पंचायत सीटों में से 64,874 पर मतदान हुआ। बाकी 9,013 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुन लिया गया था। निर्विरोध चुने जाने वाले उम्मीदवारों में सबसे ज्यादा 8,874 तृणमूल कांग्रेस से हैं। पंचायत चुनाव के नतीजे 11 जुलाई को आएंगे।
अब जानिए कहां-कहां से हिंसा और हत्या की खबरें आईं?
मतदान वाले दिन 16 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। इनमें से 13 मौतें मुर्शिदाबाद, कूचबिहार और मालदा में हुई। सबसे ज्यादा पांच मौतें मुर्शिदाबाद में हुईं। कूचबिहार, उत्तरी दिनाजपुर और मालदा में मारे जाने वाले लोगों की संख्या क्रमशः तीन, चार और एक थी। वहीं दक्षिण बंगाल के तीन जिलों- नादिया, पूर्वी बर्दवान और दक्षिण 24 परगना में एक-एक मौत हुई। यहां 200 से ज्यादा लोग घायल भी हुए। जलपाईगुड़ी हिंसा में आठ पत्रकार भी घायल हुए।
पिछले एक महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बीच, 38 से ज्यादा राजनीतिक हत्याएं हो चुकी हैं। आठ जून को चुनावों का एलान होने के बाद से सात जुलाई तक 19 लोगों की जान गई है। कूच बिहार में कुछ लोग बैलेट बॉक्स लेकर ही भागते दिखे। इसके अलावा यहां कई पोलिंग बूथ को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया।