{"_id":"6914871cb867f4590c0befc6","slug":"bjp-aparajita-sarangi-heads-parliamentary-committee-pm-cms-removal-bill-2025-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aparajita Sarangi: जेपीसी की अध्यक्ष होंगी अपराजिता, गंभीर आरोपों पर PM और सीएम को हटाने वाले बिल करेंगी जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Aparajita Sarangi: जेपीसी की अध्यक्ष होंगी अपराजिता, गंभीर आरोपों पर PM और सीएम को हटाने वाले बिल करेंगी जांच
Wed, 12 Nov 2025 06:39 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 12 Nov 2025 06:39 PM IST
सार
Aparajita Sarangi: भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रावधान करने वाले तीन विधेयकों की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष बनाया गया। समिति में 31 सदस्य हैं, जिनमें विपक्ष के चार, भाजपा के 15, एनडीए के 11 और एक नामित सदस्य शामिल हैं। कई प्रमुख विपक्षी दलों ने इस समिति का बहिष्कार किया।
विज्ञापन
अपराजिता सारंगी
- फोटो : एक्स/अपराजिता सारंगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद अपराजिता सारंगी उस विधेयक की जांच के लिए बनी संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्ष होंगी, जिसमें गंभीर आरोपों में गिरफ्तार प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को पद से हटाने का प्रस्ताव है। लोकसभा सचिवालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रमुख विपक्षी दलों ने समिति का बहिष्कार करने की घोषणा की है। 31 सदस्यीय इस समिति में विपक्ष के चार सदस्य, भाजपा के 15 सदस्य, एनडीए के 11 सदस्य और एक मनोनीत सदस्य शामिल हैं। विपक्षी दलों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और वाईएसआरसीपी के निरंजन रेड्डी को संयुक्त समिति का सदस्य बनाया गया है।
ये भी पढ़ें: 'डैशबोर्ड बनाकर फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करें..', शीर्ष कोर्ट का उच्च न्यायालयों को निर्देश
विज्ञापन
यह समिति तीन विधेयकों की जांच करेगी- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025; और संघ शासित प्रदेशों के शासन (संशोधन) विधेयक, 2025। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस समिति का हिस्सा न बनने का फैसला किया है। बीजद और बीआरएस भी इस समिति का हिस्सा नहीं हैं।
(अधिक जानकारी अपडेट की जा रही है...)
विज्ञापन
प्रमुख विपक्षी दलों ने समिति का बहिष्कार करने की घोषणा की है। 31 सदस्यीय इस समिति में विपक्ष के चार सदस्य, भाजपा के 15 सदस्य, एनडीए के 11 सदस्य और एक मनोनीत सदस्य शामिल हैं। विपक्षी दलों से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, अकाली दल की हरसिमरत कौर बादल, एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी और वाईएसआरसीपी के निरंजन रेड्डी को संयुक्त समिति का सदस्य बनाया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: 'डैशबोर्ड बनाकर फैसलों की जानकारी सार्वजनिक करें..', शीर्ष कोर्ट का उच्च न्यायालयों को निर्देश
विज्ञापन
यह समिति तीन विधेयकों की जांच करेगी- संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025; और संघ शासित प्रदेशों के शासन (संशोधन) विधेयक, 2025। कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों ने इस समिति का हिस्सा न बनने का फैसला किया है। बीजद और बीआरएस भी इस समिति का हिस्सा नहीं हैं।
(अधिक जानकारी अपडेट की जा रही है...)
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन