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भाजपा ने चार राज्यों में चुनावी टीम का किया एलान, जावड़ेकर, तोमर व भूपेंद्र को मिली अहम जिम्मेदारी
Sat, 10 Aug 2019 03:04 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 10 Aug 2019 03:04 AM IST
सार
- यूपी के मंत्री भूपेंद्र सिंह को हरियाणा का सह प्रभारी बनाया गया है
- पार्टी ने चुनाव के लिए एक प्रभारी के साथ दो-दो सह प्रभारी बनाए हैं
- मुख्य समस्या सहयोगी शिवसेना के साथ सीट बंटवारे की है
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
आगामी छह महीने में चार राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। पार्टी नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडे़कर को दिल्ली, नरेंद्र सिंह तोमर को हरियाणा, भूपेंद्र यादव को महाराष्ट्र और ओम माथुर को झारखंड का चुनाव प्रभारी बनाया है। यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को महाराष्ट्र और यूपी के ही मंत्री भूपेंद्र सिंह को हरियाणा का सह प्रभारी बनाया गया है।
गौरतलब है कि दिल्ली को छोड़कर तीन राज्यों में भाजपा की सरकार है। पार्टी के सामने इन राज्यों की सत्ता बचाने और दिल्ली की सत्ता आम आदमी पार्टी से छीनने की चुनौती है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इन राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी। पार्टी ने दिल्ली में विपक्ष सूपड़ा साफ कर दिया था, वहीं हरियाणा में भी पहली बार लोकसभा की सारी सीटें जीतने में कामयाब रही।
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दिल्ली पर खास नजर
पिछली लोकसभा की सातों सीटें जीतने के बावजूद भाजपा को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने सातों सीटें जीती हैं। हालांकि इस बीच कांग्रेस के बेहद कमजोर होने और केजरीवाल सरकार के लोकलुभावन घोषणाओं ने भाजपा की चुनौती बढ़ा दी है। इसी वजह से पार्टी ने चुनाव के लिए एक प्रभारी के साथ दो-दो सह प्रभारी बनाए हैं।
महाराष्ट्र में असमंजस
लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद इस राज्य में भाजपा के हौसले बुलंद हैं। परिणाम आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी के कई दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है। हालांकि यहां मुख्य समस्या सहयोगी शिवसेना के साथ सीट बंटवारे का है। शिवसेना यहां आधी सीटें चाहती है, जबकि नई भाजपा उसे 80 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।
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गौरतलब है कि दिल्ली को छोड़कर तीन राज्यों में भाजपा की सरकार है। पार्टी के सामने इन राज्यों की सत्ता बचाने और दिल्ली की सत्ता आम आदमी पार्टी से छीनने की चुनौती है। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से इन राज्यों में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली थी। पार्टी ने दिल्ली में विपक्ष सूपड़ा साफ कर दिया था, वहीं हरियाणा में भी पहली बार लोकसभा की सारी सीटें जीतने में कामयाब रही।
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दिल्ली पर खास नजर
पिछली लोकसभा की सातों सीटें जीतने के बावजूद भाजपा को विधानसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने सातों सीटें जीती हैं। हालांकि इस बीच कांग्रेस के बेहद कमजोर होने और केजरीवाल सरकार के लोकलुभावन घोषणाओं ने भाजपा की चुनौती बढ़ा दी है। इसी वजह से पार्टी ने चुनाव के लिए एक प्रभारी के साथ दो-दो सह प्रभारी बनाए हैं।
महाराष्ट्र में असमंजस
लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद इस राज्य में भाजपा के हौसले बुलंद हैं। परिणाम आने के बाद कांग्रेस और एनसीपी के कई दिग्गज नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है। हालांकि यहां मुख्य समस्या सहयोगी शिवसेना के साथ सीट बंटवारे का है। शिवसेना यहां आधी सीटें चाहती है, जबकि नई भाजपा उसे 80 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है।