जिनपिंग से बोले मोदी, पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने होंगे
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत के दौरान पाकिस्तान से उत्पन्न सीमापार आतंकवाद का मुद्दा उठाया और कहा कि भारत आशा करता है कि बातचीत बहाल करने के लिये आतंकवाद मुक्त वातावरण तैयार करने की खातिर पाकिस्तान ठोस कार्रवाई करेगा। शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) सम्मेलन से इतर बिश्केक में प्रधानमंत्री मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी से भेंट की और द्विपक्षीय संबंधों पर विस्तार से चर्चा की।
मई 2019 में मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बैठक है। गौरतलब है कि एक महीने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति ने पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया। इससे पहले पाकिस्तान का करीबी मित्र चीन कई बार इस प्रस्ताव पर वीटो कर चुका था, लेकिन अंतत: बीजिंग ने अजहर के आतंकवादी घोषित करने पर लगे तकनीकी प्रतिबंध को वापस ले लिया।
बैठक के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में पाकिस्तान पर संक्षिप्त चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के संबंध में भारत का रुख समान है और वह पड़ोसी देश के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है। गोखले ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार के लिए कदम उठाए थे, लेकिन उन सभी पर पानी फेर दिया गया।
विदेश सचिव के अनुसार, मोदी ने राष्ट्रपति शी से कहा, ‘पाकिस्तान को आतंकवाद मुक्त वातावरण तैयार करने की जरूरत है, लेकिन फिलहाल हमें ऐसा कुछ होता नजर नहीं आ रहा है। हम पाकिस्तान से आशा करते हैं कि बातचीत बहाल करने के लिए वह ठोस कदम उठाएगा।’
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ आज की मुलाकात के बाद राष्ट्रपति शी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने वाले हैं। खान भी एससीओ की बैठक के लिए बिश्केक में मौजूद हैं।
मोदी ने बताया सार्थक मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति संग बैठक के बाद इस मुलाकात को अत्यंत सार्थक बताया है। पीएम मोदी ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण आयाम पर जिनपिंग संग चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि चीन ने आर्थिक व सांस्कृतिक संबंधों में सुधार के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। राष्ट्रपति शी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत के बाद मोदी ने ट्वीट किया, ‘राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अत्यंत फलदायी मुलाकात की। हमारी बातचीत में भारत-चीन संबंध पूरे विस्तार से शामिल थे। हम अपने बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को सुधारने में मिलकर काम करते रहेंगे।’
Had an extremely fruitful meeting with President Xi Jinping. Our talks included the full spectrum of India-China relations.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 13, 2019
We shall continue working together to improve economic and cultural ties between our nations. pic.twitter.com/JIPNS502I3
बता दें कि एक महीने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पाकिस्तान के आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया था। चीन ने उसे प्रतिबंधित करने के प्रस्ताव पर लगी अपनी तकनीकी रोक को हटा लिया था।
शी ने पिछले महीने आम चुनाव जीतने पर मोदी को बधाई दी थी। परिणामों की आधिकारिक घोषणा से पहले ही चीनी राष्ट्रपति का बधाई संदेश किसी विदेशी नेता के लिहाज से दुर्लभ ही था। मोदी ने भी 15 जून को 66 वर्ष के होने जा रहे शी को बधाई दी थी।
विदेश सचिव विजय गोखले ने भी बताया कि पीएम ने जोर दिया कि दोनों देश रणनीतिक संवाद पर आगे बढ़ सकते हैं। लंबित पड़े मामले जैसे बैंक ऑफ चाइना की शाखाएं भारत में खोलने और मसूद अजहर जैसे मुद्दे सुलझाएं जा सकते हैं।