Bilkis Bano Case: 'अल्लाह का शुक्रिया...कम से कम गोडसे को तो फांसी दी गई', दोषियों की रिहाई पर ओवैसी का तंज
ओवैसी ने कहा- कुछ लोगों की जाति उनके अपराध की जघन्यता के बावजूद जेल से रिहाई करा सकती है, वहीं, कुछ अन्य लोगों की जाति या धर्म उन्हें बिना सबूत के जेलों में रखने के लिए पर्याप्त कारण हो सकता है।
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गुजरात के बहुचर्चित बिलकिस बानो दुष्कर्म कांड के दोषियों की रिहाई पर एक भाजपा विधायक ने आरोपियों के 'संस्कारों' की दुहाई दी है। इसे लेकर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात व केंद्र सरकार पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा- 'हमें अल्लाह का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि कम से कम गोडसे (महात्मा गांधी के हत्यारे) को तो फांसी दे दी गई।'
ओवैसी ने बयान जारी कर आरोप लगाया कि गुजरात हो कठुआ दुष्कर्मियों के साथ खड़ा रहना भाजपा की नीति रही है। कुछ लोगों की जाति उनके अपराध की जघन्यता के बावजूद जेल से रिहाई करा सकती है, वहीं, कुछ अन्य लोगों की जाति या धर्म उन्हें बिना सबूत के जेलों में रखने के लिए पर्याप्त कारण हो सकता है।
एआईएमआईएम के प्रमुख ओवैसी ने यह तंज गुजरात के भाजपा विधायक सीके राउलजी की टिप्पणी पर कसा। राजुल गुजरात सरकार की उस समिति में शामिल थे, जिसने बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म कांड के दोषियों की रिहाई की अनुशंसा की थी। राउलजी ने यहां तक कह दिया कि दोषियों में से कुछ ब्राह्मण हैं जो 'संस्कारवान' होते हैं।
गुजरात के गोधरा से भाजपा के मौजूदा विधायक सीके राउलजी का कहना है कि बिल्किस बानो के दुष्कर्म के दोषी 11 लोग ब्राह्मण थे और उनके अच्छे संस्कार थे। उन्होंने क्राइम किया या नहीं यह हमको पता नहीं है, लेकिन किसी को फंसाने का बद इरादा भी हो सकता है।चाहे गुजरात में हो या कठुआ में, बलात्कारियों के साथ खड़े रहना भाजपा की हमेशा से नीति रही है।
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) August 18, 2022
कुछ लोगों की जाति उन्हें घिनौने जुर्म के बावजूद रिहा करवा देती है । दूसरी ओर, जाति/मज़हब की बुनियाद पर आपको कई साल बिना सबूत क़ैद में रखा जा सकता है। 2/
बता दें, गोधरा कांड के बाद 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिल्किस बानो से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के मामले में उम्रकैद की सजा पाए सभी 11 दोषियों को सोमवार को गोधरा उप-कारागार से रिहा कर दिया गया था। गुजरात सरकार ने अपनी माफी नीति के तहत इनकी रिहाई की मंजूरी दी।
भाजपा विधायक राउलजी के बयान पर ओवैसी ने कहा कि जिस दिन पीएम मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में 'नारी शक्ति' एजेंडा घोषित किया था, उसी दिन गुजरात सरकार ने बिलकिस बानो मामले के दोषियों को रिहा कर दिया। क्या गुजरात सरकार ने केंद्र से अनुमति ली थी? क्योंकि इन आरोपियों को सीबीआई जांच के बाद दोषी ठहराया गया था? ओवैसी ने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी गुजरात चुनावों पर नजर रखते हुए यह सब कर रही है।
राउलजी ने एक मीडियाकर्मी से चर्चा में कहा था कि हमने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर फैसला लिया। हमें उनके व्यवहार को देखने और उनकी जल्द रिहाई पर फैसला करने के लिए कहा गया था। हमने जेलर से पूछा और पता चला कि जेल में उनका व्यवहार अच्छा था। कुछ दोषी ब्राह्मण भी हैं, उनके अच्छे संस्कार होते हैं। उन्हें फंसाया भी जा सकता है।