Bihar: सीट बंटवारे पर लालू-तेजस्वी से बात करेंगे कांग्रेस के तीन पर्यवेक्षक, इस बैठक में तय होगी चुनावी रणनीति
पार्टी के तीनों वरिष्ठ पर्यवेक्षक चुनाव के दौरान हर जिले में होने वाले स्टार प्रचारक की रैली का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस के नाराज नेताओं को मनाएंगे और राजद प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव से सीटों के बंटवारे पर बातचीत करेंगे।
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बिहार विधानसभा की चुनाव की रणभेरी बज गई है। लेकिन अभी तक भाजपा-जेडीयू और कांग्रेस-राजद गठबंधन में अभी तक सीटों के बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है। इस बीच कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने अपने तीनों वरिष्ठ पर्यवेक्षक (अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और अधीर रंजन चौधरी) को बिहार पहुंचने के लिए कहा है। ये तीनों नेता सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन में अहम भूमिका निभाएंगे। प्रत्याशी को नीतिगत निर्देश देंगे, सभी की बात सुनेंगे, नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए उपलब्ध रहेंगे।
पार्टी के तीनों वरिष्ठ पर्यवेक्षक चुनाव के दौरान हर जिले में होने वाले स्टार प्रचारक की रैली का सुचारू आयोजन सुनिश्चित करेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस के नाराज नेताओं को मनाएंगे और राजद प्रमुख लालू यादव और तेजस्वी यादव से सीटों के बंटवारे पर बातचीत करेंगे। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों दो से तीन दिन में पार्टी यह तय करेगी कि कौन सा पर्यवेक्षक को कौन सा जिला दिया जाएगा। इन सभी पर्यवेक्षकों की एक संयुक्त बैठक 10 अक्टूबर के बाद पटना में होगी।
दरअसल, कांग्रेस बड़े पैमाने पर बिहार में ओबीसी और ईबीसी प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता अशोक गहलोत और भूपेश बघेल ओबीसी-ईबीसी की राजनीति के लिए जाने जाते है। जबकि सीमावर्ती इलाकों में पश्चिम बंगाल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी का अपना एक प्रभाव है। मुस्लिमों के बीच में उनकी एक अपनी छाप है। सीमांचल का इलाका बंगाल की सीमा से सटा हुआ है। यहां की 25-30 सीटों पर इनका प्रभाव हो सकता है। इसलिए आलाकमान ने इन्हें चुना है।
इसलिए कांग्रेस ने तय किए है पर्यवेक्षक
हाल ही में कांग्रेस ने वरिष्ठ पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के अलावा जमीनी स्तर पर चुनावी तंत्र को मजबूत करने के लिए 41अन्य नेताओं को जिला चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किए है। इस सूची में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरों को भी शामिल किया गया है। इन जिला पर्यवेक्षकों का मुख्य कार्य जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखना और संबंधित जिलों में पार्टी संगठन को मजबूत करने में सहयोग करना होगा। यह कदम कांग्रेस की चुनावी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन जिला आब्वर्जरों में अविनाश पांडेय, कामेश्वर पटेल, हरीश चौधरी, काजी निजामुद्दीन, अजय कुमार लल्लू, भक्त चरण दास, अजय राय, शुभंकर सरकार, सतेज बंटी पाटिल, इशा खान चौधरी, तनुज पूनिया, प्रदीप जैन आदित्य, अनिल चौधरी, अभिषेक दत्त, रामकृष्ण ओझा शामिल हैं। वहीं, सत्यनारायण पटेल, चेतन चौहान, बीवी श्रीनिवास, विक्रांत भूरिया, पीएस रेड्डी, राधाकृष्ण किशोर, इरफान अंसारी, दीपिका पांडेय सिंह, राणा गुरजीत, अशोक चांदना, विश्वजीत कदम, रामलाल जाट, जयसिंह अग्रवाल, रफीक खान शामिल हैं। दिनेश गुर्जर, अभिमन्यु पूनिया, हिना कावरे, वीरेन्द्र राठौड़, संजय कपूर, रोहित चौधरी, अमित सिहाग, विपिन वानखेड़े, नीरज दीक्षित, प्रवीण पाठक, करण सिंह उचियारड़ा और अनिल चोपड़ा भी शामिल हैं।