Politics: 'महागठबंधन अब 'महाभ्रमित'.., 2030 की तैयारी करें राहुल-तेजस्वी'; बिहार पर बोले UP के डिप्टी CM मौर्य
बिहार में सियासी चौसर पर शह और मात के खेल शुरू हो चुके हैं। पहले चरण का नामांकन पूरा हो चुका है। मतदाता छह नवंबर को प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। प्रदेश में बढ़ते राजनीतिक तापमान के बीच भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को नसीहत दी है। जानिए उन्होंने क्या कहा?
विस्तार
'महागठबंधन अब 'महाभ्रमित'.., 2030 की तैयारी करें राहुल-तेजस्वी'
उत्तर प्रदेश के कद्दावर भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री मौर्य ने विपक्षी दलों के गठबंधन- INDIA में शामिल दलों के बीच टिकटों के लिए एक-एक सीट पर हो रही माथापट्टी और कथित सिरफुटौव्वल पर कटाक्ष करते हुए एक्स पर लिखा कि विपक्षी खेमा अब दिशाहीन हो चुका है। उन्होंने गठबंधन में शामिल दोनों दलों के सबसे बड़े चेहरों- राहुल और तेजस्वी को 2030 के चुनाव की तैयारी में जुट जाने की नसीहत भी दी।
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बकौल मौर्य, 'बिहार में महागठबंधन अब “महाभ्रमित” हो चुका है। 2025 में बिहार की जनता श्री नरेंद्र मोदी जी और श्री नीतीश कुमार जी के साथ एकजुटता से विकसित भारत और विकसित बिहार के लिए,NDA की भारी बहुमत से सरकार बना रही है। श्री राहुल गांधी और श्री तेजस्वी यादव 2030 की तैयारी करें।'
कब होना है बिहार में मतदान, नतीजों की घोषणा किस तारीख को?
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में- छह और 11 नवंबर को कराए जाने हैं। चुनाव आयोग की तरफ से घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नतीजों का एलान 14 नवंबर को होगा। यह चुनाव इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि चुनाव से ठीक पहले बिहार में दो दशक से भी अधिक समय बाद मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराया गया। आयोग के फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट तक मुकदमा लड़ा गया। अब सभी राजनीतिक दल प्रत्याशियों को लेकर मंथन में जुटे हैं। पहले चरण के लिए नामांकन पूरा हो चुका है।
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बिहार की राजनीति पर पूरे देश की नजरें...
243 सीटों वाली विधानसभा के लिए बढ़ती चुनावी सरगर्मियों के बीच यह भी दिलचस्प है कि तीन दशकों से भी अधिक लंबी अवधि के बाद पहली बार बिहार के सियासी चौसर पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली पार्टी- जनसुराज ने सभी 243 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का एलान किया है। तमाम राजनीतिक उठापटक और बयानबाजी को मद्देनजर रखते हुए यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि आने वाले 14 नवंबर तक बिहार की राजनीति पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार दिनों में 12 जनसभाएं करेंगे, जो ये दिखाता है कि दोनों खेमों के लिए ये चुनाव कितना अहम है।