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Bihar Hooch Tragedy: जहरीली शराब से मौतों के मामले की जांच करेगा एनएचआरसी, जल्द जांच टीम करेगा नियुक्त
Sun, 18 Dec 2022 12:27 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, दिल्ली
पीटीआई, दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 18 Dec 2022 12:27 AM IST
सार
आयोग यह जानने के लिए चिंतित है कि इन पीड़ितों को कहां और किस प्रकार का चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है। उनमें से ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं और शायद निजी अस्पतालों में महंगा इलाज नहीं करा सकते।
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जहरीली शराब से हुई मौतें
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बिहार में जहरीली शराब से हुई मौतों का मामला सड़कों से लेकर संसद तक उठा है। इसको लेकर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग भी सक्रिय हो गया है। इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अधिकारियों ने शनिवार को जानकारी दी कि एनएचआरसी बिहार में हुई जहरीली शराब से मोतों के मद्देनजर मौके पर जाकर जांच करेगा। वहीं इसके लिए आयोग ने अपने एक सदस्य की अध्यक्षता में अपनी जांच टीम को तैनात करने का फैसला किया है।
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सारण जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 30 हो गई, जो छह साल पहले बिहार में सूखे के बाद सबसे बड़ी घटना है। एनएचआरसी ने एक बयान में कहा, बिहार जहरीली शराब त्रासदी में और अधिक मौतों के बारे में अन्य जिलों में फैल रही मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर, इसने ऑन-स्पॉट जांच के लिए अपने एक सदस्य की अध्यक्षता में अपनी जांच टीम को नियुक्त करने का फैसला किया है।
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आयोग यह जानने के लिए चिंतित है कि इन पीड़ितों को कहां और किस प्रकार का चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है। उनमें से ज्यादातर गरीब परिवारों से हैं और शायद निजी अस्पतालों में महंगा इलाज नहीं करा सकते। इसलिए, राज्य सरकार की ओर से यह अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि जहां कहीं भी उपलब्ध हो, उन्हें सर्वोत्तम संभव चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाए।
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बयान में कहा गया है कि शनिवार को प्रसारित मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सीवान जिले में पांच और बेगूसराय जिले में एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली थी, जबकि सारण जिले में मरने वालों की संख्या बढ़ रही थी, 14 दिसंबर को हुई जहरीली शराब त्रासदी में अब तक 65 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा था कि एनएचआरसी ने सारण जहरीली त्रासदी को लेकर बिहार सरकार और राज्य के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी किया है।