{"_id":"5faa4c358ebc3ec5ef03152b","slug":"bihar-election-left-front-gaining-ground","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार चुनाव 2020 : वामदलों ने मारा दम, 19 सीटों पर बढ़त","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
बिहार चुनाव 2020 : वामदलों ने मारा दम, 19 सीटों पर बढ़त
Tue, 10 Nov 2020 02:06 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Tue, 10 Nov 2020 02:06 PM IST
विज्ञापन
वामदल
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार चुनाव में महागठबंधन भले सत्ता में आने में कामयाब नहीं होता दिख रहा है, लेकिन उसकी सियासी व्यूह रचना व वामदलों का साथ सत्तारूढ एनडीए के लिए कांटे की टक्कर पैदा करने में सफल रहा। इस चुनाव में राज्य में वामदलों की एकजुटता भी उनकी मजबूती का इशारा कर रही है। अब तक के रुझानों में वाम दल 19 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
एग्जिट पोल की बात करें तो उनमें इन दलों को 12 से 16 सीटों पर जीत का अनुमान जताया गया था, ताजा रुझान में वह इससे आगे निकलते दिख रहे हैं। राज्य में अन्य वाम दलों की तुलना में भाकपा माले की स्थिति ज्यादा अच्छी है। जबकि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की कमजोर। महागठबंधन ने चुनाव लड़ने के लिए इन्हें 29 सीटें दी थीं। इनमें से भाकपा माले ने 19, भाकपा ने 6 व माकपा ने 4 सीटों परु चुनाव लड़ा है। 19 सीटों पर इन दलों के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। इसका मतलब है कि उन्हें बिहार में अच्छी कामयाबी मिल सकती है। 2015 के बिहार विस चुनाव में भाकपा माले ने तीन सीटें जीती थीं। अन्य वाम दलों को कामयाबी नहीं मिल पाई थी।
विज्ञापन
वाम दल एकजुट रहे
बिहार चुनाव के लिए वामदलों ने इस बार भी मिलकर चुनाव लड़ा है। उसका असर चुनाव प्रचार से लेकर एग्जिट पोल व अब मतगणना के रुझानों में भी नजर आ रहा है। तीनों ने चुनाव पूर्व गठबंधन किया और महागठबंधन के साथ मैदान संभाला। इससे इनके वोट आपस में नहीं बंटे। भाकपा ने अपने युवा चेहरे कन्हैया कुमार को अपना स्टार प्रचारक बनाया था। दिल्ली के जेएनयू के पूर्व छात्र नेता ने वामदलों के लिए कई सभाएं की थीं।
विज्ञापन