फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   biggest challenge to Kerala govt

केरल में वाम सरकार की सबसे बड़ी चुनौतियां

Thu, 26 May 2016 04:32 PM IST
इमरान क़ुरैशी/ बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
इमरान क़ुरैशी/ बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए Updated Thu, 26 May 2016 04:32 PM IST
विज्ञापन
biggest challenge to Kerala govt
- फोटो : sreekesh R

केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले 72 साल के सीपीएम नेता पिनराई विजयन को पार्टी का एक मजबूत नेता माना जाता है।

विज्ञापन

वे करीब 17 साल तक पार्टी की राज्य इकाई के सचिव रह चुके हैं जो इस पद पर उनका सबसे लंबा कार्यकाल रहा है।

उन्हें सरकार में ऊर्जा मंत्री रहने के दौरान प्रशासनिक कामों का अनुभव है, जिसकी आगे और परीक्षा होने वाली है। विजयन के कैबिनेट में 12 सीपीएम के, चार सीपीआई के और जनता दल सेक्युलर, एनसीपी और कांग्रेस (एस) के एक-एक मंत्री हैं।

पहली चुनौती आर्थिक मोर्चे पर होगी

biggest challenge to Kerala govt

कैबिनेट के चयन की सोशल मीडिया पर मलयालियों के बीच काफी तारीफ हो रही है। कैबिनेट में केवल नए चेहरे शामिल नहीं हैं बल्कि ऐसे लोगों की संख्या अधिक है जिनके पास जनता के मुद्दों का राजनीतिक हल निकालने का अच्छा खासा अनुभव है।

इस कैबिनेट की अहमियत इसलिए भी अधिक है क्योंकि त्रिपुरा के बाद केरल दूसरा राज्य है जहां वामदल की सरकार सत्ता में है।
विश्लेषकों का मानना है कि विजयन और उनके मंत्रियों के लिए पहली चुनौती आर्थिक मोर्चे पर होगी।

वहीं राजनीतिक स्तर पर उसका सामना कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ और बीजेपी से है। तिरुवनंतपुरम में सेंटर ऑफ डेवलपमेंटल स्टडीज में प्रोफेसर केएन हरिलाल ने बीबीसी को बताया, "आर्थिक मोर्चे पर सरकार को कई चुनौतियों का सामना करना पडेगा।

खाडी संकट केरल की अर्थव्यवस्था पर बुरी तरह से प्रभाव डाल रहा है। मध्यपूर्व में बसे कई मलयाली वापस आ रहे हैं। वहां से आने वाली रकम पर भी खतरा मंडरा रहा है। वैसे ही राज्य में अन्य राज्यों की तुलना में विकास दर कम है।''

विज्ञापन
विज्ञापन

शासन प्रणाली की पारदर्शिता में लोगों का विश्वास बहाल करना सबसे बड़ी चुनौती होगी

biggest challenge to Kerala govt

प्रोफेसर हरिलाल का कहना है कि पिछले तीन चार सालों में कर वसूली में कमी आई है जिससे राज्य पर कर्ज बढा है।"
पूर्व मंत्री और सीपीएम नेता प्रोफेसर एमए बेबी भी प्रोफेसर हरिलाल की बात से सहमत दिखते हैं।

उनका कहना है, "नई सरकार के लिए सबसे अहम होगा शासन प्रणाली की पारदर्शिता में लोगों का विश्वास बहाल करना। सार्वजनिक उपयोग वाली सेवाओं को दुरुस्त करना, लाखों कर्मचारियों को पेंशन का एरियर और मनरेगा का बकाया देना।"

प्रोफेसर हरिलाल के अनुसार, नई सरकार के लिए कमाई के वैकल्पिक स्रोतों को ढूंढना मुख्य चुनौती होगी।

विज्ञापन

शराबबंदी को लेकर नीति बनाना होगा अहम चुनौती

biggest challenge to Kerala govt

उनका कहना है, "बीयर और वाइन की बिक्री बढी है और राज्य में शराबबंदी को लेकर कोई नीति नहीं है। इस पर नई सरकार को काम करना होगा।"

लेकिन प्रोफेसर हरिलाल और प्रोफेसर बेबी दोनों का ही मानना है कि केरल के समाज में राजनीतिक तौर पर धर्मनिरपेक्ष चरित्र को बनाए रखना भी सरकार के लिए चुनौती होगी।

हरिलाल का कहना है कि बीजेपी ने एक सीट जीती है लेकिन वो काफी प्रभावशाली बनकर उभरी है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

बेबी ने कहा, "हाल में दिल्ली में बीजेपी के प्रतिनिधिमंडल के राष्ट्रपति से मिलने का उद्देश्य मात्र ऐसा दिखाना है कि लेफ्ट उन पर हमला कर रहा है। जबकि सच्चाई कुछ और है।

यह मुख्यमंत्री विजयन का ही चुनावी क्षेत्र था, जहां बीजेपी ने हमारे एक कामरेड की हत्या कर दी थी।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed