{"_id":"59ce77bc4f1c1bc0538b4fc7","slug":"bhu-violence-search-has-begun-for-the-new-vice-chancellor","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू विवाद के बाद नए कुलपति की तलाश शुरू, मंत्रालय के निर्देश पर जारी हुआ विज्ञापन","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बीएचयू विवाद के बाद नए कुलपति की तलाश शुरू, मंत्रालय के निर्देश पर जारी हुआ विज्ञापन
अमर उजाला/ ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:19 AM IST
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय
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बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में छात्राओं पर लाठीचार्ज विवाद के बीच नए कुलपति की तलाश शुरू हो गई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश के तहत ही कुलपति पद के लिए विज्ञापन जारी कर दिया गया है। इच्छुक उम्मीदवार को 29 अक्तूबर तक स्पीड पोस्ट या रजिस्ट्री से आवेदन मंत्रालय को भेजना होगा।
मंत्रालय ने भी कुलपति पद के लिए सर्च सेलेक्शन कमेटी के पैनल के लिए नाम तलाशने शुरू कर दिए हैं। अधिकारी के मुताबिक, बीएचयू कुलपति पद के लिए विज्ञापन एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत आवेदन मांगे गए हैं। मौजूदा कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी 27 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
आवेदकों में अकादमिक और प्रशासनिक क्षमता अनिवार्य है। इसके अलावा शिक्षण व शोध के क्षेत्र में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव और शानदार अकादमिक रिकार्ड प्रमुख शर्त हैं। आवेदक की उम्र 67 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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मंत्रालय ने भी कुलपति पद के लिए सर्च सेलेक्शन कमेटी के पैनल के लिए नाम तलाशने शुरू कर दिए हैं। अधिकारी के मुताबिक, बीएचयू कुलपति पद के लिए विज्ञापन एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसके तहत आवेदन मांगे गए हैं। मौजूदा कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी 27 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
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आवेदकों में अकादमिक और प्रशासनिक क्षमता अनिवार्य है। इसके अलावा शिक्षण व शोध के क्षेत्र में अच्छी जानकारी होनी चाहिए। विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 वर्ष का अनुभव और शानदार अकादमिक रिकार्ड प्रमुख शर्त हैं। आवेदक की उम्र 67 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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बीएचयू समिति की सिफारिश से ही होगी नियुक्ति
BHU
मंत्रालय 30 दिनों से पहले सर्च सेलेक्शन कमेटी के लिए पैनल तैयार करेगा। सूची केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विजिटर यानी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास भेजी जाएगी। विजिटर से पैनल को मंजूरी मिलने के बाद आवेदकों का इंटरव्यू होगा। इसके बाद चयनित नामों की सूची विजिटर के पास भेजी जाएगी।
यदि विजिटर को उक्त नामों में से कुलपति के रूप में कोई नाम पसंद आता है तो उक्त व्यक्ति को कुलपति के रूप में नियुक्ति की मंजूरी मिल जाएगी। नहीं तो दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे।
बीएचयू समिति की सिफारिश से ही होगी नियुक्ति
विज्ञापन के तहत आवेदकों की सूची में उन्हीं नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसे बीएचयू अधिनियम के तहत गठित पैनल द्वारा सिफारिश की जाएगी। हालांकि यह पैनल मंत्रालय के सर्च सेलेक्शन कमेटी का ही दूसरा रूप होता है।
यदि विजिटर को उक्त नामों में से कुलपति के रूप में कोई नाम पसंद आता है तो उक्त व्यक्ति को कुलपति के रूप में नियुक्ति की मंजूरी मिल जाएगी। नहीं तो दोबारा आवेदन मांगे जाएंगे।
बीएचयू समिति की सिफारिश से ही होगी नियुक्ति
विज्ञापन के तहत आवेदकों की सूची में उन्हीं नामों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा, जिसे बीएचयू अधिनियम के तहत गठित पैनल द्वारा सिफारिश की जाएगी। हालांकि यह पैनल मंत्रालय के सर्च सेलेक्शन कमेटी का ही दूसरा रूप होता है।